ऑपरेशन सिंदूर पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: “नया भारत अब आतंकवाद के खिलाफ सीमा के दोनों ओर करेगा कार्रवाई”
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने दृढ़ता के साथ जवाब देते हुए 6 और 7 मई की रात “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर नौ आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया। इस सैन्य कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
अब इस पूरे घटनाक्रम पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आधिकारिक रूप से बयान जारी किया है और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सेना की प्रशंसा की है। उन्होंने लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सेंटर के उद्घाटन समारोह के दौरान यह बात कही।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान में कहा कि भारतीय सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” के माध्यम से यह साफ कर दिया है कि भारत अब आतंकवाद को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगा। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी अड्डों को निशाना बनाना था, और हमारी सेनाओं ने यह कार्य पूरी रणनीति और सटीकता के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया।
उन्होंने कहा, “यह भारत की सैन्य शक्ति और राजनीतिक संकल्प का प्रमाण है कि अब आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। हमने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ऐसे ठिकानों को तबाह किया, जहां से भारत में हमलों की योजना बनाई जाती थी। यह नया भारत है जो आतंक का जवाब उसी की भाषा में देता है।”
पाकिस्तान पर सीधा आरोप
राजनाथ सिंह ने अपने बयान में पाकिस्तान की सेना पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने अपने ऑपरेशन में केवल आतंकियों और उनके ठिकानों को ही निशाना बनाया, लेकिन इसके विपरीत पाकिस्तानी सेना ने आम नागरिकों पर हमला किया और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया।
“पाकिस्तान की फौज ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च जैसे पवित्र स्थलों को भी नहीं छोड़ा। यह उनकी मानसिकता और युद्ध नीति को दर्शाता है, जो मानवता के हर सिद्धांत के खिलाफ है,” उन्होंने कहा।
भारतीय सेना का साहस और संयम
राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना की रणनीतिक सटीकता और अनुशासन की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं ने शौर्य, पराक्रम और संयम का परिचय देते हुए पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं को करारा जवाब दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि “भारतीय सेना की गूंज केवल नियंत्रण रेखा तक ही नहीं रही, बल्कि पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय तक सुनाई दी है। यह संदेश है कि भारत अब चुप नहीं रहेगा।”
आतंकवाद पर भारत की स्पष्ट नीति
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति पर चल रही है। उन्होंने पूर्व के आतंकवादी हमलों की याद दिलाते हुए कहा कि भारत ने उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की थी, पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी और अब पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान में घुसकर मल्टीपल स्ट्राइक्स की गई हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि “यह नया भारत है। अब यदि कोई भारत में आतंक फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसे सरहद के इस पार ही नहीं, उस पार भी उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।”
रक्षा मंत्री का यह बयान इस बात को मजबूती से दर्शाता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक नीति और आक्रामक रणनीति अपना चुका है। ऑपरेशन सिंदूर, सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई नहीं बल्कि यह संदेश है कि भारत अब किसी भी हमले को अनदेखा नहीं करेगा। भारतीय सेना की इस रणनीतिक सफलता और सरकार की स्पष्ट दिशा ने देश को आत्मविश्वास से भर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत अब किसी भी हद तक जा सकता है।
