बिहार में तेजस्वी यादव ने बीजेपी को नौकरी और आरक्षण के मुद्दे पर घेरा
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नौकरी और आरक्षण के मुद्दों पर बीजेपी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने बीजेपी की तुलना आदमखोर से करते हुए उसे आरक्षण चोर करार दिया है तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि उनके 17 महीने के कार्यकाल में जातिगत गणना के बाद दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अतिपिछड़ों के लिए आरक्षण को 65% तक बढ़ाया गया था। लेकिन बीजेपी-एनडीए की केंद्र सरकार ने इसे संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल नहीं किया। जिससे यह मामला कानूनी विवाद में फंस गया। इससे अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के लगभग 50 हजार युवाओं को नौकरी से वंचित होना पड़ा।
विपक्ष से की एकजुट होने की अपील
तेजस्वी यादव ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होकर आरक्षण चोर बीजेपी-एनडीए को सबक सीखने की अपील की। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में बेरोजगारी, पलायन और महंगाई जैसे मुद्दों को हल करने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि उसने बिहार के युवाओं को नौकरी और आरक्षण के मुद्दों और धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सत्ता में आने के बाद आरक्षण को कमजोर करने और सरकारी नौकरियों में कटौती करने का प्रयास किया है। जिससे राज्य के पिछड़े और दलित समुदाय के अधिकारों का हनन हुआ है। तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि बीजेपी ने निजीकरण को बढ़ावा देकर आरक्षित वर्गों के लिए अवसरों को सीमित किया है।
जातिगत जनगणना को रोकने का आरोप लगाया
इसके अलावा उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उसने जातिगत जनगणना को रोकने का प्रयास किया है। जिससे आरक्षण की सही समीक्षा और सुधार संभव नहीं हो पा रहा है। तेजस्वी यादव ने बीजेपी से मांग की है कि वह स्पष्ट करे कि वह आरक्षण और नौकरी के मुद्दों पर क्या कदम उठाएगी, ताकि बिहार के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
