तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब छह दशक बाद कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार का हिस्सा बनने जा रही है। गुरुवार, 22 मई 2026 को तमिलनाडु वेट्री कझगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस के दो विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद पार्टी विधायक एस. राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की कैबिनेट में शामिल किया जा रहा है।
राजनीतिक जानकार इस फैसले को तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मान रहे हैं। लंबे समय से सत्ता में भागीदारी की मांग कर रही कांग्रेस के लिए यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। टीवीके सरकार को बहुमत के लिए कांग्रेस का समर्थन मिला हुआ है और अब दोनों दलों के बीच सत्ता साझेदारी का नया अध्याय शुरू होता दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया ऐतिहासिक क्षण
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने इस फैसले को पार्टी के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 59 साल बाद कांग्रेस को तमिलनाडु सरकार में प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है, जो पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनता के हितों के लिए काम करती रही है और कई बार उसने सहयोगी दलों के साथ सत्ता साझा की है। लेकिन तमिलनाडु में सरकार का हिस्सा बनने के लिए पार्टी को कई दशकों तक इंतजार करना पड़ा। उनके मुताबिक यह दिन कांग्रेस के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जाएगा।
तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगाई ने भी इस मौके को खास बताया। उन्होंने कहा कि नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण ऐसे दिन हो रहा है जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए मंत्री राजीव गांधी के विचारों और सिद्धांतों पर चलते हुए जनता की सेवा करेंगे।
उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लंबे समय से मेहनत कर रहे थे और अब उन्हें उसका परिणाम मिल रहा है। कांग्रेस का उद्देश्य केवल सत्ता में शामिल होना नहीं बल्कि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह, नेताओं ने जताई खुशी
तमिलनाडु कांग्रेस के प्रभारी गिरीश चोडनकर ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर काफी उत्साह है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता लंबे समय से सरकार में उचित प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे थे और अब उनकी यह इच्छा पूरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने कठिन समय में भी अपनी विचारधारा नहीं छोड़ी। कार्यकर्ताओं ने लगातार संगठन को मजबूत बनाए रखा और अब उन्हें सम्मान मिला है। उनके अनुसार यह सफलता उन सभी कार्यकर्ताओं को समर्पित है जिन्होंने वर्षों तक पार्टी के साथ मजबूती से काम किया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थिरुनावुक्करासर ने भी टीवीके नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस को कैबिनेट में शामिल करना सकारात्मक और स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे गठबंधन और मजबूत होगा तथा सरकार बेहतर तरीके से काम कर सकेगी।
2009 में भी उठी थी सत्ता साझेदारी की मांग
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केवी थंगाबालू ने कहा कि पार्टी 59 साल बाद सरकार में शामिल होकर बेहद खुश है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वर्ष 2009 में भी कांग्रेस ने सत्ता में हिस्सेदारी की मांग की थी। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि इसके लिए सहमत भी हुए थे, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी थी।
अब टीवीके सरकार में कांग्रेस की भागीदारी को राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव में टीवीके को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था, जिसके बाद कांग्रेस ने उसे समर्थन दिया। इसी सहयोग के चलते अब कांग्रेस को सरकार में जगह दी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। इससे गठबंधन की मजबूती बढ़ेगी और कांग्रेस को राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का मौका भी मिलेगा।
