इंग्लैंड दौरे से पहले ऋषभ पंत को नेट प्रैक्टिस से क्यों रोका गया? जानिए पूरा मामला
भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारियों में जुटी है। इस अहम दौरे की शुरुआत 20 जून से होनी है, और टीम इस समय लंदन के बेकनहैम में एक प्रैक्टिस कैंप में प्रशिक्षण ले रही है। इस बीच, टीम के उपकप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर एक अहम खबर सामने आई है, जिसने फैंस की चिंता बढ़ा दी है। खबरों के मुताबिक, टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने पंत को नेट प्रैक्टिस के दौरान अचानक बल्लेबाजी करने से रोक दिया, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसा क्यों किया गया।
नेट्स पर लय में नजर आए पंत
रविवार को जब बेकनहैम में भारतीय टीम का अभ्यास सत्र चल रहा था, तब ऋषभ पंत सबसे पहले थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट गेंदबाजों के सामने अभ्यास करने पहुंचे। उन्होंने फुटवर्क और टाइमिंग पर विशेष ध्यान देते हुए खुद को लय में लाने की कोशिश की। कुछ देर बाद पंत ने स्पिन गेंदबाजों—रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव—के खिलाफ भी नेट्स में बैटिंग की।
इसके बाद उन्होंने टीम के तेज गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज की गेंदों का भी सामना किया। पंत पूरे अभ्यास सत्र में आत्मविश्वास से भरे नजर आए और उनकी बल्लेबाजी में अच्छी लय देखने को मिली।
गौतम गंभीर ने क्यों रोकी बल्लेबाजी?
अभ्यास सत्र के दौरान जब पंत अपनी लय में बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी टीम के नए हेड कोच गौतम गंभीर अचानक नेट्स के पास पहुंचे। गंभीर ने कुछ देर पंत की बल्लेबाजी को देखा और फिर अचानक उन्हें बल्लेबाजी रोकने के लिए कहा। उन्होंने पंत से कुछ बातचीत की और फिर पास में खड़े होकर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखी। यह दृश्य सभी को हैरान कर गया क्योंकि गंभीर आमतौर पर अभ्यास सत्र के दौरान किसी बल्लेबाज को बीच में नहीं रोकते।
चोट लगने की वजह बनी चिंता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रैक्टिस के दौरान पंत के बाएं हाथ पर एक तेज गेंद लग गई थी। इस चोट के बाद वह तुरंत नेट्स से बाहर आ गए। टीम के मेडिकल स्टाफ ने उनका हाथ जांचा और आइस पैक लगाकर पट्टी बांध दी। इसके बाद उन्हें करीब एक घंटे तक अभ्यास से दूर रखा गया और आराम करने की सलाह दी गई।
हालांकि, खुद पंत ने बाद में बताया कि अब वह पूरी तरह ठीक हैं और डॉक्टरों ने भी पुष्टि की है कि यह कोई गंभीर चोट नहीं है। ऐसे में फैंस को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन टीम मैनेजमेंट किसी भी जोखिम से बचना चाहता है, खासकर तब जब सीरीज शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं।
क्यों है पंत की भूमिका अहम?
ऋषभ पंत इस समय भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान हैं और उनकी वापसी लगभग डेढ़ साल बाद टीम में हुई है। कार दुर्घटना के बाद लंबे इलाज और रिहैबिलिटेशन के बाद वह मैदान में लौटे हैं और अब उनकी फिटनेस और फॉर्म पर सभी की नजर है। इंग्लैंड की पिचें आमतौर पर तेज गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती हैं और वहां बल्लेबाजी करना चुनौतीपूर्ण होता है।
पंत का रिकॉर्ड इंग्लैंड में अच्छा रहा है, और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली टीम इंडिया के लिए एक बड़ा हथियार साबित हो सकती है। ऐसे में उनका पूरी तरह फिट रहना और पहले टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध होना बेहद ज़रूरी है।
ऋषभ पंत की चोट फिलहाल गंभीर नहीं है, लेकिन हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट की सतर्कता इस बात को दर्शाती है कि वह किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहते। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण सीरीज में हर खिलाड़ी का योगदान महत्वपूर्ण होगा, खासकर ऐसे अनुभवी और विस्फोटक खिलाड़ी का जो किसी भी स्थिति में मैच का रुख बदल सकता है।
अब फैंस की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ऋषभ पंत 20 जून से शुरू हो रही सीरीज के पहले टेस्ट में पूरी फिटनेस के साथ मैदान में उतरेंगे।
