मणिपुर में हिंसा, तैनात की गयी फ़ौज और आरएएफ, फ़ौज ने पांच उग्रवादियों को मार गिराया
इस हफ्ते मणिपुर में हुयी हिंसा में अब शांति दिखाई दी है। मणिपुर में सेना – असम राइफल्स और आरएएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। इसी बीच मणिपुर सरकार की तरफ से हिंसा में हुयी मौतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया। सरकार बताया कि हिंसा में अब तक 54 लोगों की मौत हुयी है। जबकि अनाधिकारिक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है।
इसी बीच इंफाल घाटी में शनिवार को मार्किट भी खुला और सड़कों पर आवाजाही भी दिखाई दी। राज्य में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद दिखाई दी। अब तक राज्य में सुरक्षाबलों के 10 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती हो चुकी है। इसी सुरक्षा के चलते इंफाल के लोग सड़कों पर दिखाई दिए।
इसी बीच सरकार की तरफ से बयान आया है कि ने पांच उग्रवादियों को मार गिराया है। वहीं चुराचांदपुर में सेना के दो जवान भी अलग अलग एनकाउंटर में घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि इसमें से एक एनकाउंटर चुराचांदपुर के सैतोन में हुआ था जहाँ सुरक्षाबल के जवानों ने चार उग्रवादियों को मार गिराया। तोरबुंग इलाके में उग्रवादियों ने सुरक्षाबल के जवानों पर गोलियां चलायी जवाब में सुरक्षाबल के जवानों ने गोली चलायी। वहां पर भी जवानों ने एक उग्रवादी को मार गिराया। इस कार्यवाही में सुरक्षाबल के दो जवान घायल हो गए। सेना ने कहा है कि मणिपुर में हालत अब काबू में है। उग्रवादियों को देखते ही गोली मारने के आदेश हैं।
मणिपुर में हिंसा के बाद बहुत लोगों ने छोड़ा घर
मणिपुर हिंसा के बाद से बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से पलायन कर चुके हैं। 1100 से ज्यादा मणिपुर के जिरिबाम जिले और इसके आसपास के इलाकों से सीमा पार कर असम के चाचर जिले पहुंच गए हैं। पलायन करने वालों में अधिकतर प्रवासी कुकी समुदाय के लोग हैं। इन लोगों को डर है कि इनके घरों पर हमला हो सकता है। गुरुवार रात को इन लोगों के घर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। जिसके कारण इन लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। जिस कारण से ये लोग मणिपुर से पलायन कर असम में पहुंच गए हैं।
