सुबह जगने के लिए अलार्म लगाना हो सकता है सेहत के लिए खतरनाक, अचानक जगना हो सकता है दिल के लिए खतरनाक

आजकल की व्यस्त लाइफस्टाइल के चलते हम लोग सुबह जल्दी नहीं उठ पाते हैं। इसलिए सुबह जल्दी उठने के लिए हम अलार्म लगाते है। सुबह जल्दी उठना वैसे तो सेहत के लिए बहुत अच्छा है। लेकिन अलार्म की आवाज़ से जागना हमारी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

सुबह सुबह बिस्तर छोड़ना किसी को भी अच्छा नहीं लगता है। लेकिन घर के काम, जल्दी दफ्तर के लिए निकलना और स्कूल कॉलेज जाना इन सब के लिए जड़ली जागना पड़ता है। जो लोग अपने नियमित समय से जग जाते है उन्हें तो कोई परेशानी नहीं होती है। लेकिन जिन लोगो का सोने और जागने का समय निश्चित नहीं है। वे लोग अलार्म लगा कर सोते हैं। जिससे वह समय पर जग सकें।

लेकिन क्या आपको पता है कि सुबह सुबह के अलार्म की आवाज़ आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। यह अलार्म की आवाज़ आपकी सेहत को लम्बे समय के लिए बिगाड़ सकती है। अलार्म के साथ जाग कर दिन की शुरुआत करना अच्छा नहीं है। इससे बॉडी और माइंड पर गलत प्रभाव पड़ता है।

बहुत से लोग अपने मोबाइल में अलार्म लगाते हैं और उसे अपने तकिये के नीचे रख कर सोते है। जिससे रेडिएशन का खतरा रहता है जो कि कैंसर का भी कारण हो सकता है।

एकदम से जागना सेहत के लिए खरनाक

लॉफबोर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के आधार पर अचानक से उठना मनुष्य की बॉडी और माइंड के लिए अच्छा नहीं होता है। जिस तरह रात में जब व्यक्ति बिस्तर पर जाता है तो उसे एकदम से नींद नहीं आती है। उसे नींद आने में एक समय लगता है। ठीक उसी प्रकार जब व्यक्ति सुबह जगता है तो सुबह जागने के लिए हमारी बॉडी और माइंड को समय की जरूरत होती है। लेकिन जब व्यक्ति अलार्म लगा कर सोता है तो सुबह अलार्म अचानक से व्यक्ति को नींद से जगा देता है। जिससे बॉडी का सिरकाडियन प्रोसेस बिगड़ जाता है। मनुष्य की बॉडी में सिरकाडियन बॉडी का एक नेचुरल इंडिकेटर है। जो कि मनुष्य के माइंड को बताता है कि कब सोना है और कब जागना है।

दिन की शुरुआत तय करती है पुरे दिन की दिनचर्या को

एक शोध के अनुसार जब हम जागते है उस समय हमारा माइंड कैसा है उसी के आधार पर पुरे दिन की दिनचर्या निर्भर रहती है। यदि व्यक्ति सुबह बहुत अच्छे मूड के साथ जगता है तो उसका दिन बहुत अच्छा रहता है। इसके विपरीत यदि व्यक्ति सुबह चिड़चिड़े पन के साथ जगता है तो उसका पूरा दिन ख़राब जाता है। जब व्यक्ति अलार्म लगा कर सोता है तो अचानक से अलार्म बजने से व्यक्ति को चिढ़ होती है और इसका प्रभाव उसके पुरे दिन पर पड़ता है।

प्रकृति है सबसे अच्छा अलार्म

प्रकृति ने मनुष्य को जगाने के लिए प्राकृतिक अलार्म बनाये हैं जो कि मनुष्य के शरीर और मन की सेहत का ख्याल रखते हुए मुनष्य को बड़े प्यार के साथ जागते हैं। सुबह सूरज की रौशनी, चिड़ियों का चहचहाना और मुर्गे की बांग यह प्रकृति के अलार्म है। इसमें सबसे बेहतर अलार्म सूरज की रौशनी है। व्यक्ति को अपना बिस्तर इस तरह से लगाना चाहिए कि सुबह सूरज की रोशनी सीधे उसके बिस्तर पर आये। जिससे नींद बहुत आराम से खुलेगी और मनुष्य का मन भी खुश होगा। जिसका प्रभाव आपके दिन पर भी पड़ेगा।

बच्चो को उठाते वक्त सावधानी रखें

बच्चो को जगाते वक्त माता पिता को बहुत सावधानी रखनी चाहिए। बच्चों को जब भी उठायें उन्हें बहुत प्यार के साथ उठाये। उन्हें जगाने के बाद कुछ समय के लिए गोद में लेकर बैठे या उन्हें बिस्तर पर ही रहने दे। बच्चे जागने में थोड़े नखरे दीखते है यह स्वभाविक है। उन्हें तुरंत ही रोजमर्रा के कार्यों पर न लगा दे। इससे बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं।

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