शुक्रवार को आये भूकंप से म्यांमार में भारी तबाही, मौतों का आंकड़ा 1000 के पार

शुक्रवार 28 मार्च को म्यांमार के सगाइंग क्षेत्र में दोपहर 12.50 बजे एक शक्तिशाली 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे भारी तबाही हुई। म्यांमार की सेना के अनुसार अब तक 1002 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 2376 लोग घायल हुए हैं।

भूकंप का केंद्र मांडले के निकट था, जो देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। म्यांमार के अलावा थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी इस भूकंप के प्रभाव से इमारतों को नुकसान पहुंचा और कम से कम 10 लोगों की मौत हुई। भूकंप के कारण सड़कों, पुलों और इमारतों को व्यापक नुकसान हुआ है, जिससे कई लोग मलबे में फंस गए हैं। बचाब दल लगातार राहत और बचाब कार्यों में जुटे हुए हैं। लेकिन ऑनगोइंग सिविल वॉर के कारण राहत प्रयासों ने कठनाईयाँ आ रही हैं।

यह भूकंप सगाइंग फॉल्ट के साथ आया, जो म्यांमार का सबसे सक्रीय भूकंपीय क्षेत्र है। विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में भूकंप का इतिहास रहा है और इस बार की तबाही का एक कारण इमारतों की भूकंप-रोधी संरचना की कमी भी है।

अमेरिका ने सहायता देने की घोषणा की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने म्यांमार को सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। हालाँकि कुछ पूर्व अधिकारीयों ने आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।

स्थिति गंभीर बनी हुई है, और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से सहायता की अपील की गई है और राहत कार्यों में तेजी लाने के प्रयास जारी हैं।

भारत ने राहत सामग्री भेजी

भारत ने मानवीय सहायता के रूप में 15 टन से अधिक राहत सामग्री म्यांमार भेजी है। यह सामग्री भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान द्वारा भेजी गई। एयरफोर्स के दो और विमान राहत सामग्री लेकर म्यांमार रवाना किए जा रहे हैं। ये विमान गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से रवाना होंगे। भारत ने यह सहायता पडोसी प्रथम नीति के तहत दी है। जो संकट के समय पडोसी देशों की मदद करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। म्यांमार में भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

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