अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा सत्तापक्ष ने ख़राब भाषा बोली ताकि सदन स्थगित हो जाये

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बाबा साहेब आंबेडकर के मुद्दे को लेकर सपा विधायकों ने जोरदार हंगामा काटा। जिसके कारण सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसको लेकर यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ये सरकार सवालों का जवाब देना नहीं चाहती है इसलिए इस तरह की खराब भाषा बोली गई ताकि सदन स्थगित हो जाए।

लोकतंत्र में एकतंत्र चलना चाहते हैंअखिलेश यादव

विधानसभा में सपा विधायकों द्वारा किये गए हंगामे पर अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे विधायक सरकार से पूरा जवाब चाहते थे लेकिन, सरकार जवाब नहीं देना चाहती। इनको जवाब न देना पड़े इसलिए सत्तापक्ष ने खराब भाषा बोली ताकि सदन स्थगित हो जाए। हमारे विधायक चाहते थे कि सरकार का जवाब स्पष्ट आए चाहे किसान, स्वास्थ या बिजली जैसे सवाल हो लेकिन सरकार भागना चाहती है। इसलिए ऐसे काम कर रही है।

अखिलेश यादव ने आगे कहा, “वन नेशन वन इलेक्शन, ये मनविधान पर चलने वाले लोग है लोकतंत्र में एकतंत्र चलाना चाहते हैं। ये तानाशाही की तरफ ले जाना चाहते हैं। जो क्षेत्रीय दल है दो जमीनी मुद्दे हैं उनसे ध्यान हटाकर ये देश के बड़े-बड़े मुद्दों पर बात करके पूरे देश पर कब्जा करना चाहते हैं।

बाबा साहेब आंबेडकर को भगवान की तरह पूजते हैं

अखिलेश यादव ने बाबा साहेब आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा, “बाबा साहेब अंबेडकर पिछड़े, गरीब और दलितों के लिए भगवान हैं और उन्हें भगवान की तरह उन्हें पूजते हैं। आज भी अगर आप गांव-गांव जाएंगे तो उनके कैलेंडर और तस्वीरें मिल जाएंगी। उन्हें लोग पूजते हैं बीजेपी के लोग पिछड़ो, दलितों, आधी आबादी और अल्पसंख्यकों से नफरत करते हैं। उन्होंने पीडीए के लोगों को हक छीना है। पीडीए के लोग ही उन्हें भगवान मानते हैं मैं विधायकों को धन्यवाद देता हूं कि बाबा साहेब के सम्मान में वो इस तरह निकले।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वो उन्हें मानते ही नहीं। उन्हें सम्मान नहीं देना चाहते इसलिए इस तरह भाषा इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें सभी सांसदों की मांग को मानना चाहिए। अगर बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर जी का अपमान किया तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। ये कोई एआई नहीं हैं। ये कोई तकनीकी गलती नहीं है। ये गलती आपके अंदर है जो बाहर निकलकर आई है। ये आपका नेचुरल भाव है जो आपके अंदर से निकला है। इसलिए हम कहते हैं कि लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। बीजेपी के लोग संविधान का सम्मान नहीं करते।

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