उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा हर समय हिंदुओ के मंदिरों को तोड़ा गया। चाहे वह काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में, कभी संभल में कल्कि अवतार की हरिहर भूमि, कभी भोजपुर में मंदिरों को तोड़ा गया।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे सनातन धर्म की मान्यता है कि हमारे सृष्टि के संचालनकर्ता साक्षात सूर्यदेव यानी भगवान विष्णु हैं उन्ही की कृपा से सब सन्चालित होता है। आज यहां अयोध्या में इस महायज्ञ के माध्यम से आत्म शुद्धि और पर्यावरण की शुद्धि का कार्य हो रहा है, वो भी भगवान विष्णु के अवतार प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली पर। यज्ञ की परंपरा हमारी हजारों वर्षों की परंपरा है, यज्ञ से ही वर्षा होती है, धनधान्य की उत्पत्ति होती है, इसी से आमजन को समृद्धि मिलती है। यह अशर्फी भवन पीठ प्रभु के आशीर्वाद की पीठ है। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान इस पीठ ने एक ऊंचाई पर पहुंचाया।
श्री राम मंदिर का भी जिक्र किया
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन में श्री राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से श्री राम मंदिर के निर्माण कार्य प्रारम्भ हुआ और 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्री राम 500 वर्ष के लम्बे इंतज़ार के बाद अपने धाम में स्थापित हुए। कौन ऐसा व्यक्ति धर्मावलम्बी रहा होगा जिसके आंखों में आंसू न आये हों। इसीलिए हमारे काव्य कहते है कि भारत की धरती पर जन्म लेना दुर्लभ है और उस पर मनुष्य जन्म लेना और भी दुर्लभ है।
सीएम योगी ने कहा कि आज अयोध्या में रामलला का आगमन हो गया। डबल इंजन की सरकार ने जो संतो के मार्गदर्शन में कार्य बढ़ाया आज वो पूर्ण हो चुका है। विरासत को विस्मृत करके हम भौतिक विकास को नही कर सकते, यज्ञ के पीछे यही भाव है। आज प्रधानमंत्री के निर्देशन में पूरा भारत अपनी विरासत को संजो रहा है और विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है।
