मोदी सरनेम केस में सुप्रीम कोर्ट से राहुल गाँधी को मिली राहत, 136 दिन बाद बहाल हुयी संसद की सदस्यता
राहुल गाँधी को मोदी सरनेम केस में सुप्रीमकोर्ट से मिली राहत के तीन दिन बाद उनकी संसद की सदस्यता बहाल कर दी गयी है। इसके बाद राहुल गाँधी संसद की कार्यवाही में हिस्सा ले सकते हैं। सुप्रीमकोर्ट द्वारा राहुल गाँधी की सजा पर रोक के बाद लोकसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता बहाल करने पर फैसला लिया। इससे पहले कांग्रेस राहुल गाँधी की संसद की सदस्यता बहाली को लेकर सुप्रीमकोर्ट जाने की तैयारी कर रही थी।
सूत्रों अनुसार कांग्रेस ने कहा था कि अगर सोमवार 7 अगस्त शाम तक राहुल गाँधी की संसद की सदस्यता बहाल नहीं होती है तो वह मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील कर देंगे। लेकिन उससे पहले ही राहुल गाँधी की संसद की सदस्यता बहाल हो गयी। अब वह फिर से सांसद बन गए हैं।
लोकसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना
लोकसभा सचिवालय से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 24 मार्च 2023 को जारी अधिसूचना के क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2023 को एक विशेष अपील पर केरल के वायनाड संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले लोकसभा सदस्य राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी, जिसके बारे में सूरत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 23 मार्च 2023 को आदेश दिया था।
आगे कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त 2023 के आदेश के मद्देनजर, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 102 (1)(ई) के सेक्शन 8 में वर्णित जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत 24 मार्च 2023 को जारी राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने संबंधी अधिसूचना अगले न्यायिक आदेश तक खत्म की जाती है।
मोदी सरनेम केस में मार्च में सुनाई थी सजा
राहुल गाँधी द्वारा 2019 में एक चुनावी सभा में मोदी सरनेम के ऊपर दिए गए एक वयान को लेकर गुजरात की कोर्ट ने मार्च 2023 में दो साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाने के अगले दिन ही लोकसभा सचिवालय ने राहुल गाँधी की सदस्यता को रद्द किये जाने के सन्दर्भ में एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया था।
सुप्रीमकोर्ट ने लगायी सजा पर रोक
राहुल गाँधी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सजा पर रक् लगाने के लिए अपील की गयी थी। जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के सजा के फैसले पर 4 अगस्त को रोक लगा दी गयी। यह रोक सूरत सेशन कोर्ट से दोष सिद्ध होने का फैसला आने तक जारी रहेगी।
