मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में विपक्ष का हंगामा, राजनाथ सिंह ने कहा-सरकार चर्चा के लिए तैयार, लेकिन विपक्ष गंभीर नहीं
आज शुक्रवार को लोकसभा में मणिपुर हिंसा को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मणिपुर की घटना निश्चित तौर पर बेहद गंभीर है। पीएम पहले ही कह चुके हैं कि मणिपुर में जो हुआ उसने पुरे देश को शर्मसार किया है। इसके अलावा पीएम ने कहा था कि घटना पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। मणिपुर पर चर्चा करना चाहते हैं। मैंने सर्वदलीय बैठक में कहा था मैं संसद में भी इसे दोहराता हूँ कि हम मणिपुर पर चर्चा करना चाहते हैं। लेकिन मैं देख रहा हूँ कि कुछ राजनैतिक दल हैं जो नहीं चाहते कि मणिपुर पर चर्चा हो। मैं स्पष्ट रूप से आरोप लगाता हूँ कि विपक्ष मणिपुर को लेकर गंभीर नहीं है।
इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों से कहा कि चर्चा होने दीजिये। समाधान चर्चा से निकलेगा, नारेबाजी से कुछ नहीं होगा। सरकार चाहती है कि चर्चा हो लेकिन आप चर्चा होने ही नहीं दे रहे हैं। वहीँ संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन विपक्ष अपना स्टैंड बदल रहा है।
आप सांसद संजय सिंह का नोटिस अस्वीकार
वहीं आप सांसद संजय सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि मणिपुर यौन हिंसा पर चर्चा के उनके नोटिस को अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह तानाशाही की पराकाष्ठा है। मणिपुर में हिंसा होगी, लोग मरे जायेंगे, महिलाओं की निर्वस्त्र परेड होगी, रेप होगा लेकिन देश के सर्वोच्य सदन में बोलने की इजाजत नहीं होगी। मुझे सुबह सुबह यह पत्र मिला कि मणिपुर पर चर्चा का मेरा नोटिस अस्वीकार हो गया है। मोदी जी आपकी तानाशाही का भी अंत होगा।
