एलन मस्क की ये कंपनी भारत के कब करेगी एंट्री, तारीख का हुआ खुलासा
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में अगले महीने एंट्री करने वाली है। स्टारलिंक भारत में हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा की शुरुआत करेगी। इसके लिए कंपनी को आने वाले कुछ दिनों में ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट से लाइसेंस मिल सकता है। जिसके साथ ही स्टारलिंक वनवेब और जिओ सेटेलाइट के बाद स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए पात्र बनने वाली तीसरी कंपनी होगी। इसके बाद स्टारलिंक भारत में सेटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा की शुरुआत कर सकेगी।फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार स्टारलिंक ने ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करने के लिए सेटेलाइट, डेटा ट्रांसफर और स्टोरेज के अपने प्लान डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन को उपलब्ध कराए हैं।
कागजी कार्यवाही पूरी हुयी
स्टारलिंक ने पिछले साल जीएमपीसीएस लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसके सन्दर्भ में दूरसंचार विभाग ने बताया कि स्टारलिंक के आवेदन की प्रक्रिया को आगे बढ़ने में काफी समय लग गया। क्योकि कंपनी की तरफ से आवश्यक दस्तावेज पूरा करने में काफी समय लगा। ऐसे में स्टारलिंक को लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए अंतरिक्ष विभाग, दूरसंचार विभाग और गृहमंत्रालय से औपचारिक मंजूरी लेनी होगी।
उपग्रह के जरिए कम्युनिकेशन और डेटा ट्रांसफर करने के लिए जीएमपीसीएस लाइसेंस की आवश्यकता होती है। जो कि 20 साल की अवधि के लिए जारी किया जाता है। इस लाइसेंस के लिए अंतरिक्ष विभाग, दूरसंचार विभाग और गृह मंत्रालय से मंजूरी लेनी होती है।
पिछले साल शुरू कर दी प्री बुकिंग
स्टारलिंक ने पिछले साल ही सेटेलाइट इंटरनेट सेवा के लिए प्री बुकिंग शुरू कर दी थी। जिसे डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन के हस्क्षेप के बाद बंद कर दिया गया था। डॉट के आदेश पर स्टारलिंक ने 5000 से ज्यादा कस्टमर के प्री बुकिंग के 8000 रुपये वापिस किये थे।
कस्टमर को सेटेलाइट ब्रांडबैंड स्पेस के लिए फाइबर आधारित ब्रांडबैंड सेवा से कुछ ज्यादा फीस देनी पड़ती है। लेकिन स्टारलिंक अपने यूजर्स को कुछ प्रमोशनल ऑफर्स दे सकती है। इसके साथ ही एक बार सेटअप लगाने के लिए 8 से 10 रुपये फीच और मंथली 300 से 400 रुपये के बीच चार्ज किया जा सकता है।
