महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर अपना रुख साफ़ कर दिया है। उनकी पार्टी यूसीसी का समर्थन कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी औपचारिक तौर पर उद्धव ठाकरे की तरफ से कोई आधिकारिक वयान भले ही ना आया हो। लेकिन सूत्रों से पता चला है कि यदि संसद में बिल लाया जाता है तो उद्धव ठाकरे की पार्टी इस बिल का समर्थन करेगी।
उद्धव ठाकरे ने बीती 20 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमे उन्होंने कहा उनकी पार्टी यूसीसी का समर्थन करेगी। बालासाहेब ठाकरे के तीन महत्वपूर्ण सपने थे – अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, कश्मीर से धारा 370 को हटाना और देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड का लागू करना। शिवसेना (यूबीटी ) के सांसद संजय राउत का कहना है कि अभी यूसीसी का ड्राफ्ट नहीं आया है। ऐसे में यह कहना उचित नहीं होगा कि हम उसके विरोध में हैं। पहले ड्राफ्ट आने दीजिये उसके बाद ही शिवसेना (यूबीटी ) पार्टी और उद्धव ठाकरे अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे।
संसद के मानसून सत्र में लाया जा सकता है बिल
सरकार द्वारा संसद के मानसून सत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड का लाया जा सकता है। संसद की एक स्थायी समिति ने यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर विभिन्न हितधारकों के विचार लेने के लिए विधि आयोग की ओर से जारी नोटिस पर तीन जुलाई को विधि आयोग और कानून मंत्रालय के प्रतिनिधियों को बुलाया है।
शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने भी अपना रुख साफ किया
शिवसेना (यूबीटी ) की तरह एनसीपी ने भी यूसीसी के समर्थन को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। शरद पवार ने गुरुवार को कहा था कि सरकार की तरफ से कुछ चीजे स्पष्ट होने के बाद ही उनकी पार्टी यूसीसी पर अपना रुख तय करेगी।
शरद पवार ने कहा की वे यूसीसी के समर्थन के इच्छुक तो नहीं हैं। लेकिन सिख समुदाय की राय पर गौर किये बिना यूसीसी पर फैसला करना उचित नहीं होगा। इसके अलावा एनसीपी ने यूसीसी के प्रभाव का अध्यन करने के लिए मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बालचंद्र मुंगेकर के नेतृत्व में नौ सदस्यीय समिति का गठन है।
