भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में सबसे ज्यादा असर

कोरोना महामारी भले ही बीते कुछ समय से शांत नजर आ रही थी, लेकिन अब फिर से इसके मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। हांगकांग और सिंगापुर में संक्रमण बढ़ने के बाद भारत में भी स्थिति धीरे-धीरे चिंताजनक होती जा रही है। भारत में कोविड-19 के मामलों की संख्या अब 1000 के पार पहुंच गई है। कई राज्यों में सक्रिय केस लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे सरकार और आम जनता दोनों को सतर्कता बरतने की ज़रूरत है।

दिल्ली में बढ़ते संक्रमण की चेतावनी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। यहां वर्तमान में 104 सक्रिय केस दर्ज किए गए हैं। बीते एक सप्ताह में दिल्ली में 99 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और जरूरी सावधानियां अपनाने का आग्रह किया है।

केरल में सबसे ज्यादा सक्रिय केस

केरल इस बार कोरोना मामलों के लिहाज से सबसे आगे निकल गया है। यहां अब तक 430 सक्रिय केस दर्ज किए गए हैं, जो देश के किसी भी राज्य से अधिक हैं। राज्य सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जांच और निगरानी की प्रक्रिया को और अधिक सख्त करने के निर्देश दिए हैं।

महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की स्थिति

महाराष्ट्र में कुल 209 सक्रिय मामलों की पुष्टि हुई है। यहां भी संक्रमण के बढ़ते आंकड़े सरकार की चिंता का विषय बन गए हैं। राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।

अन्य राज्यों की बात करें तो:

  • गुजरात में 83 मामले दर्ज किए गए हैं।
  • कर्नाटक में 47 सक्रिय केस पाए गए हैं।
  • उत्तर प्रदेश में 15 और
  • पश्चिम बंगाल में 12 कोरोना के सक्रिय मामले सामने आए हैं।

इन सभी राज्यों में स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

नए वेरिएंट्स का खतरा

देश में अब कोरोना के दो नए वेरिएंट्स की मौजूदगी की पुष्टि हुई है: NB.1.8.1 और LF.7। इंडियन सार्स-कॉव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम की रिपोर्ट के मुताबिक, इन वेरिएंट्स के कारण कुछ इलाकों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने फिलहाल इन दोनों वेरिएंट्स को सिर्फ “निगरानी योग्य” श्रेणी में रखा है, इन्हें गंभीर या चिंताजनक वेरिएंट नहीं माना गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने हाल ही में इस स्थिति की समीक्षा की है और राज्यों को संक्रमण से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।

अधिकांश मामले हल्के, पर सतर्कता जरूरी

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक सामने आए ज्यादातर मामले हल्के लक्षण वाले हैं और मरीज घर पर ही उपचार कर रहे हैं। गंभीर लक्षणों वाले मामलों की संख्या बेहद कम है। फिर भी, सरकार और विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए और पहले की तरह कोविड नियमों का पालन करना चाहिए।

बिहार में फिर सामने आए संदिग्ध मामले

बिहार की राजधानी पटना से भी कोरोना संक्रमण को लेकर एक साल बाद फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर आई है। पटना के बेली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में दो संदिग्ध कोरोना मरीज सामने आए हैं। अस्पताल के मुताबिक, ये मरीज सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। जांच के बाद दोनों मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम पाया गया, जिसके बाद कोविड टेस्ट किया गया।

इनमें से एक मरीज की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है, जबकि दूसरे को बाहरी इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। अस्पताल ने इस बारे में सिविल सर्जन और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित कर दिया है और मामलों की पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

जागरूकता और सावधानी ही बचाव का उपाय

कोरोना संक्रमण भले ही पहले जैसा खतरनाक ना दिखे, लेकिन इसके दोबारा फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालात को काबू में रखने के लिए हमें फिर से मास्क पहनना, भीड़-भाड़ से बचना, नियमित हाथ धोना और अगर लक्षण दिखें तो समय पर जांच करवाना जरूरी है। सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रही हैं, लेकिन आम जनता की जागरूकता और सहयोग के बिना संक्रमण को रोका नहीं जा सकता।

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