भारत-पाकिस्तान में सिंधु जल संधि को लेकर तनाव, पाकिस्तान की धमकियों पर भारत का करारा जवाब
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में संघर्षविराम (सीजफायर) को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार भड़काऊ बयान और हरकतें दोनों देशों के रिश्तों को फिर से तनावपूर्ण बना रही हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने एक बार फिर विवादित बयान देते हुए भारत को अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दी है। उन्होंने कहा कि यदि सिंधु जल संधि से जुड़ा विवाद नहीं सुलझा, तो इसका कोई मतलब नहीं रह जाएगा और यह स्थिति संघर्षविराम को खतरे में डाल सकती है।
पाक विदेश मंत्री की चेतावनी भरी भाषा
सीएनएन को दिए गए एक साक्षात्कार में इशाक डार ने कहा कि अगर भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि से जुड़ी समस्याएं हल नहीं होतीं, तो इसे ‘युद्ध की कार्यवाही’ यानी ‘ऐक्ट ऑफ वॉर’ के रूप में देखा जाएगा। यह कोई पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को धमकी दी हो। इससे पहले भी पाकिस्तानी नेताओं ने भारत को परमाणु हमले की चेतावनी तक दी थी। इन बयानों से साफ है कि पाकिस्तान कूटनीतिक रास्तों की बजाय उकसावे की नीति अपनाता आ रहा है।
ऑपरेशन ‘सिंदूर‘ से भारत ने दिया कड़ा संदेश
पाकिस्तान द्वारा भारत के शहरों में हमले की योजना बनाए जाने के बाद भारत ने करारा जवाब देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले के प्रतिशोध में की गई थी। भारतीय सेना की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पाकिस्तान की ओर से भी यह स्वीकार किया गया है कि इस ऑपरेशन में उसके 11 सैनिक मारे गए और 70 से अधिक घायल हुए हैं।
भारत ने इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। यह भारत की ओर से साफ संदेश था कि आतंकवाद या घुसपैठ की किसी भी कोशिश का सख्त जवाब दिया जाएगा।
आदमपुर एयरबेस को लेकर फैलाई गई अफवाह, पीएम मोदी ने दिया करारा जवाब
इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अचानक पंजाब के आदमपुर एयरबेस का दौरा किया। यह दौरा इसलिए अहम था क्योंकि पाकिस्तान ने झूठा दावा किया था कि उसने आदमपुर एयरबेस को निशाना बनाया है। पीएम मोदी ने मौके पर जाकर जवानों से मुलाकात की और उनके हौसले को बढ़ाया।
प्रधानमंत्री का यह दौरा पाकिस्तान के दावों को गलत साबित करने के साथ-साथ यह भी दर्शाता है कि भारत अपनी रक्षा तैयारियों को लेकर पूरी तरह सतर्क और मजबूत है। इससे पहले भी पीएम मोदी कई मौकों पर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर चेतावनी दे चुके हैं।
भारत की नीति – शांति के साथ मजबूती
भारत हमेशा से शांति और समझौते का पक्षधर रहा है, लेकिन जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की आती है, तो भारत किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतता। चाहे बात सिंधु जल संधि की हो या आतंकी गतिविधियों की, भारत ने बार-बार यह दिखाया है कि वह कूटनीति के साथ-साथ कठोर जवाब देने की क्षमता रखता है।
पाकिस्तान की बार-बार की गई धमकियां उसकी बौखलाहट को दर्शाती हैं। सिंधु जल संधि जैसी अंतरराष्ट्रीय संधियों को लेकर दिए जा रहे बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना हैं, बल्कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता को भी खतरा हो सकता है। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और प्रधानमंत्री मोदी के आदमपुर दौरे के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि देश अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। अब यह पाकिस्तान पर है कि वह शांति और स्थिरता की दिशा में बढ़े या फिर पुराने रास्ते पर चलते हुए अपने ही नुकसान की पटकथा लिखे।
