पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: “जैसे पश्चिम में मुंबई, वैसे पूरब में होगा मोतिहारी का नाम”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी में एक महत्वपूर्ण जनसभा को संबोधित किया और पूर्वी भारत, खासकर बिहार को विकसित करने के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले वर्षों में देश के पूरब को भी उतना ही प्रगतिशील और समृद्ध बनाया जाएगा, जितना कि देश के पश्चिमी हिस्से हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि जिस तरह से मुंबई को पश्चिम भारत का आर्थिक इंजन माना जाता है, उसी तरह पूर्व भारत में मोतिहारी को एक नई पहचान मिले। उन्होंने कहा, “जैसे गुरुग्राम में रोजगार और व्यापार के अवसर हैं, वैसे ही गयाजी को भी विकसित किया जाएगा। पुणे की तरह पटना को भी औद्योगिक केंद्र के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। जयपुर की तरह नेपाल बॉर्डर के पास के इलाकों को भी विकास से जोड़ा जाएगा और बेंगलुरु की तरह सिंहभूम के युवाओं को भी अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार का समग्र विकास किए बिना पूर्वी भारत का विकास अधूरा रहेगा। इसी सोच के तहत केंद्र सरकार ने बिहार के लिए योजनाओं को गति दी है।

केंद्रराज्य मिलकर कर रहे हैं विकास का काम

प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से कहा कि बिहार में आज विकास के कार्यों में तेजी इसलिए आ रही है क्योंकि राज्य और केंद्र, दोनों सरकारें मिलकर बिहार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य और केंद्र में एक जैसी सोच वाली सरकारें नहीं होतीं, तब तक योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू करना मुश्किल होता है।

उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि, “कांग्रेस और आरजेडी के शासनकाल में बिहार को पर्याप्त धन नहीं दिया गया। यूपीए के 10 वर्षों में बिहार को मात्र दो लाख करोड़ रुपये के आसपास की राशि दी गई थी।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि, “2014 में आपने मुझे केंद्र में सेवा करने का मौका दिया। इसके बाद मैंने उस राजनीति को खत्म किया जिसमें बिहार को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता था। हमने बदले की भावना की राजनीति को समाप्त कर दिया।”

एनडीए सरकार ने दिया ज्यादा फंड, हुआ जनकल्याण

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बिहार के लिए एनडीए सरकार द्वारा की गई आर्थिक सहायता का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में एनडीए ने बिहार के लिए जितनी राशि जारी की है, वह कांग्रेस और आरजेडी सरकारों की तुलना में कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि यह धनराशि पूरी तरह बिहार के विकास और जनकल्याण में इस्तेमाल की जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “बीस साल पहले का बिहार हताशा, भ्रष्टाचार और पिछड़ेपन का प्रतीक बन गया था। आरजेडी और कांग्रेस की सरकारों में न तो योजनाएं ठीक से बनती थीं और न ही गरीबों तक लाभ पहुंचता था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। अब बिहार में गरीब का पैसा सीधे उसके खाते में पहुंचता है।”

नेताओं को दिया धन्यवाद

अपने भाषण के प्रारंभ में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य प्रमुख नेताओं का नाम लेकर धन्यवाद दिया। उन्होंने जीतन राम मांझी, गिरिराज सिंह, चिराग पासवान, रामनाथ ठाकुर, नित्यानंद राय, ललन सिंह, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, उपेंद्र कुशवाहा और दिलीप जायसवाल का भी मंच से आभार जताया।

प्रधानमंत्री के इस दौरे को पूर्वी भारत के विकास को नई दिशा देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। उनकी घोषणाओं से न सिर्फ मोतिहारी बल्कि पूरे बिहार को आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की उम्मीद जगी है।

पीएम मोदी की यह यात्रा पूर्वी भारत की आकांक्षाओं को नया जीवन देने वाली मानी जा रही है। जिस तरह से उन्होंने मोतिहारी को मुंबई जैसा बनाने की बात कही और बिहार को देश के दूसरे विकसित राज्यों की बराबरी पर लाने की योजना साझा की, उससे साफ है कि केंद्र सरकार अब पूरब की अनदेखी नहीं करना चाहती। आने वाले समय में यदि यह घोषणाएं जमीनी स्तर पर क्रियान्वित होती हैं, तो बिहार एक नए युग की ओर बढ़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *