सीजफायर के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति, ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को भारी नुकसान
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच 10 मई की शाम दोनों देशों ने एक बार फिर सीजफायर समझौते पर सहमति जताई। इस समझौते के बाद, 11 से 12 मई की रात जम्मू-कश्मीर और नियंत्रण रेखा से सटे अन्य क्षेत्रों में स्थिति काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। भारतीय सेना की ओर से बताया गया है कि इस दौरान किसी भी प्रकार की गोलीबारी या घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई। यह पहलगाम हमले के बाद पहली बार है जब सीमा पर पाकिस्तान की ओर से कोई आक्रामक गतिविधि देखने को नहीं मिली।
हालांकि, सीजफायर समझौते के चंद घंटों बाद ही पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन कर दिया। महज तीन घंटे के भीतर पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों को निशाना बनाते हुए ड्रोन से हमले किए। इन हमलों का भारतीय सेना ने त्वरित और सख्त जवाब दिया और सभी दुश्मन ड्रोन को मार गिराया।
पहलगाम हमले का जवाब दिया ऑपरेशन सिन्दूर से
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान की ओर से सीमा पर लगातार फायरिंग और घुसपैठ की कोशिशें की जा रही थीं। इस हमले में आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में आम नागरिकों को निशाना बनाया, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। इस दुखद घटना में एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
इस हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए 6 और 7 मई की रात को “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम दिया। भारतीय वायुसेना द्वारा चलाए गए इस ऑपरेशन में पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में स्थित नौ आतंकवादी अड्डों को निशाना बनाया गया। इस सटीक और योजनाबद्ध कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया। इस बड़े हमले से पाकिस्तान बौखला गया और बदले की भावना से उसने भारत पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए।
पाकिस्तान के तमाम हमलों को किया नाकाम
7 से 10 मई के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। पाकिस्तान ने इस दौरान भारत के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों की सतर्कता और मुस्तैदी के चलते उनकी सभी कोशिशें नाकाम रहीं। जवाबी कार्रवाई में भारत ने न केवल दुश्मन की साजिशों को नाकाम किया बल्कि उन्हें भारी नुकसान भी पहुंचाया।
भारतीय सेना के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में मौजूद कई बड़े आतंकवादी संगठन कमजोर हो गए हैं। इन संगठनों के कई ठिकाने पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और उनमें काम कर रहे आतंकियों की संख्या में भी भारी कमी आई है।
फिलहाल नियंत्रण रेखा और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनी हुई है, लेकिन सेना पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। किसी भी तरह की नई गतिविधि या घुसपैठ की कोशिश को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अगर पाकिस्तान की ओर से फिर कोई उकसावे की कार्रवाई होती है, तो भारत उसका मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।
