पाकिस्तान ने मांगा युद्धविराम, भारत की सशर्त मंजूरी – प्रतिबंध अब भी जारी
भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चलते दबाव में आए पाकिस्तान ने शनिवार को युद्धविराम (सीजफायर) की पेशकश की, जिसे भारत सरकार ने कुछ शर्तों के साथ स्वीकार कर लिया है। हालांकि, भारत की ओर से जारी किए गए आर्थिक, कूटनीतिक, व्यापारिक और जल से जुड़े प्रतिबंध अभी भी पहले की तरह लागू रहेंगे। केवल सैन्य कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोका गया है।
भारत सरकार ने यह साफ कर दिया है कि युद्धविराम का मतलब यह नहीं है कि बाकी सभी प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए सभी गैर-सैन्य कदमों को यथावत रखा है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान पर कई स्तरों पर प्रतिबंध लगाए थे।
अब भी लागू रहेंगे ये प्रमुख प्रतिबंध:
- सिंधु जल संधि पर रोक: भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर रखा है और यह निर्णय अभी भी लागू रहेगा। इसका मतलब है कि भारत पाकिस्तान को किसी भी तरह की जल जानकारी नहीं देगा और तीन प्रमुख उत्तरी नदियों पर जल परियोजनाएं बिना किसी रोक के जारी रहेंगी।
- व्यापारिक संबंध नहीं बहाल होंगे: पाकिस्तान के साथ सभी तरह के व्यापारिक लेन-देन फिलहाल बंद रहेंगे। भारत ने किसी भी आयात-निर्यात गतिविधि को शुरू करने का कोई इरादा नहीं जताया है।
- राजनयिक संबंधों में कोई बदलाव नहीं: भारत ने पहले ही कुछ पाकिस्तानी राजनयिकों को देश छोड़ने को कहा था, जिन्हें अब वापस नहीं बुलाया जाएगा। दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर स्थिति जस की तस बनी रहेगी।
- आर्थिक प्रतिबंध जारी: भारत ने पाकिस्तान पर जो वित्तीय प्रतिबंध लगाए थे, वे अब भी लागू हैं। किसी भी तरह के पाकिस्तानी मालवाहक जहाजों को भारत के बंदरगाहों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पाकिस्तान ने खुद किया युद्धविराम का अनुरोध
भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान के कई एयरबेस पर निर्णायक हमलों की एक श्रृंखला के बाद पाकिस्तान ने युद्धविराम की अपील की। पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ (DGMO) ने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर युद्धविराम की आधिकारिक मांग की और यह भी भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान अब कोई हमला नहीं करेगा।
अमेरिका ने बनाया दबाव
इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका की भूमिका भी अहम रही। अमेरिका ने पाकिस्तान पर दबाव बनाकर उसे भारत के साथ तनाव कम करने के लिए मजबूर किया। खबर है कि अमेरिका ने पाकिस्तान को मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की 1 बिलियन डॉलर की किश्त रोकने की चेतावनी दी थी। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम की पहल हुई।
भारत का बदला सैन्य सिद्धांत
भारत ने अब अपने सैन्य सिद्धांत में भी बदलाव किया है, जिसे अमेरिका ने औपचारिक रूप से मान्यता दे दी है। इस नए सिद्धांत के अनुसार, भारत भविष्य में किसी भी आतंकवादी हमले को सीधे युद्ध की कार्रवाई मानेगा और उसी स्तर की प्रतिक्रिया देगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम भले ही लागू हो गया हो, लेकिन भारत ने अपनी सख्त नीति में कोई नरमी नहीं बरती है। सैन्य कार्रवाई रोकने के बावजूद, अन्य सभी प्रतिबंध जस के तस हैं। यह भारत की बदलती रणनीति को दर्शाता है, जहां आतंकी घटनाओं का जवाब केवल सैन्य नहीं, बल्कि हर मोर्चे पर दिया जाएगा।
