ऑपरेशन सिंदूर जारी: भारतीय वायुसेना ने दी जानकारी, सीजफायर के बावजूद पाकिस्तान ने किया उल्लंघन
भारत और पाकिस्तान के बीच घोषित संघर्षविराम के बीच भारतीय वायुसेना ने अपने विशेष सैन्य अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर एक अहम जानकारी साझा की है। भारतीय वायुसेना ने बताया है कि यह अभियान अब भी जारी है और इसके तहत सौंपे गए सभी कार्य पूरी जिम्मेदारी और सटीकता के साथ पूरे किए गए हैं। वायुसेना ने यह भी कहा कि ऑपरेशन के बारे में विस्तृत जानकारी उचित समय पर दी जाएगी।
भारतीय वायुसेना की ओर से जारी बयान में बताया गया, “ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है। इस मिशन के तहत जो भी लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, उन्हें सावधानी और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया है। यह अभियान पूरी तरह से देश की सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखकर चलाया गया है।” वायुसेना ने साथ ही जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर या अफवाहों से दूर रहें और केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।
पाकिस्तान ने फिर तोड़ा सीजफायर
शनिवार, 10 मई 2025 की शाम को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम लागू किया गया था। यह समझौता पाकिस्तान की अपील पर हुआ था और भारत ने भी इस पर सहमति जताई थी। लेकिन सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर समझौते का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर और सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया।
भारतीय सेना ने इस हमले का त्वरित और कड़ा जवाब देते हुए पाकिस्तान से दागी गई सभी मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार, रात करीब 10 बजे के बाद पाकिस्तान की तरफ से कोई भी सैन्य गतिविधि नहीं देखी गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई प्रभावशाली रही।
अमेरिका की भूमिका
सीजफायर की घोषणा को लेकर अमेरिका की भूमिका भी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने आपसी सहमति से संघर्षविराम पर सहमति जताई है।
इस घोषणा के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की पुष्टि की और इसे क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम बताया।
भारत का स्पष्ट रुख
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “भारत और पाकिस्तान ने आज गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति व्यक्त की है। हालांकि, भारत का आतंकवाद के खिलाफ रुख पहले की तरह ही सख्त और अडिग बना रहेगा। भारत आतंकवाद के सभी स्वरूपों और उनके समर्थन करने वालों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।”
आगे की रणनीति
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि भारत, एक ओर जहां कूटनीतिक स्तर पर शांति के प्रयासों को महत्व दे रहा है, वहीं दूसरी ओर वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और इसके जारी रहने का संकेत इस बात का प्रमाण है कि भारत किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अब सभी की निगाहें आने वाले दिनों पर टिकी हैं, जहां यह देखा जाएगा कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आता है या नहीं, और भारत किस तरह से अपनी कूटनीति और सैन्य रणनीति के जरिए क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता है।
