भारी बारिश के कारण देश में उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारी तबाही, केंद्र ने दिया हर संभव सहायता का आश्वासन
देश में इस समय हो रही भारी बारिश ने उत्तर से लेकर दक्षिण तक तबाही मचाई हुयी है। पहाड़ी राज्यों में बादल फटने की घटनाओं के साथ भूस्खलन की भी घटनाएं सामने आ रही हैं। उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश कुदरत की सबसे ख़राब मार को झेल रहा है। उधर दक्षिण की बात करें तो केरल के वायनाड में भारी भूस्खलन हुआ है। भारी बारिश के कारण वायनाड में हुए भूस्खलन में अब तक 200 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी के साथ 200 से ज्यादा लोगों के लापता होने की भी खबर है। फ़िलहाल इन सभी राज्यों में राहत और बचाव का कार्य चल रहा है। इधर बीती रात दिल्ली-एनसीआर में हुयी भारी बारिश के कारण जगह जगह पर जल भराव हो गया है।
हिमाचल में बादल फटने की घटनाएं
देश के पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में कई जगह से बादल फटने की घटनाएं सामने आयी हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लगातार घटनाओं के हालातों का जायजा ले रहे हैं। शिमला में रामपुर उपमंडल के समाघ खुद (नाला) में, कुल्लू के मलाणा में, मंडी जिले के थलटूखोड़ के पास गांव राजमण में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। बादल फटने से कई मकान-दुकान बह गए हैं। हिमाचल में अभी तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 लोग लापता बताए गए हैं।
फ़िलहाल जहाँ जहाँ से बादल फटने की घटनाएं सामने आयी हैं वहां पर राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी सहित पुलिसकर्मी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हुए हैं। पूरा प्रशासन राहत और बचाव कार्य में लगा हुआ है। मुख्यमंत्री ने सेना को भी अलर्ट रहने का आदेश दिया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है।
गृहमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने की सीएम से बातचीत
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बादल फटने के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए बात की। गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री सुक्खू को केंद्रीय सहायता और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल का समर्थन प्रदान करने का आश्वासन दिया। उधर स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी मुख्यमंत्री सुक्खू से बातचीत की और केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने लिया राहत–बचाव कार्य का जायजा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारीयों के साथ एक बैठक की और स्टेट इमरजेंसी सेंटर से भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री धामी ने बताया, “मैंने अधिकारियों को उन लोगों की मदद करने का निर्देश दिया है, जो भारी बारिश से प्रभावित हैं। साथ ही जो लोग नदियों और नालों में उफान से प्रभावित हैं उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मैंने सभी को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। जनपद रुद्रप्रयाग एवं टिहरी गढ़वाल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई एवं स्थलीय निरीक्षण करूंगा। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में फंसे स्थानीय लोगों व पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने हेतु हम निरंतर प्रयासरत हैं।”
