मणिपुर हिंसा को लेकर भाजपा के नेता सुब्रमण्यम स्वामी भड़के – गृहमंत्री अमित शाह पर भी साधा निशाना

भाजपा के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मणिपुर की हिंसा को देखते हुए अपनी ही सरकार पर तीखा प्रहार किया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने शनिवार को ट्वीट किया कि मणिपुर में केंद्रीय शासन लगा देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंन ट्वीट किया कि अब समय आ गया है कि बीजेपी की मणिपुर सरकार को बर्खास्त कर दिया जाये और संबिधान के अनुच्छेद 356 के तहत वहां पर केंद्रीय शासन लागू कर दिया जाये। अमित शाह को खेल मंत्रालय भेज देना चाहिए।

आज से डेढ़ महीने पहले मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के बीच हिंसा भड़की थी। जिसका दौर अभी तक थमा नहीं है। इस हिंसा की घटनाओं में करीब 100 से ज्यादा लोग अपनी जान गवा चुके हैं। मेइती समाज बहुत लम्बे समय से अनुसूचित जनजाति के दर्जे की माँग कर रहा है। 3 मई को मेइती समाज की इस मांग के विरोध में पर्वतीय इलाकों में आदिवासी एकजुटता मार्च का आयोजन हुआ था। जिसके बाद से हिंसा भड़क उठी।

मणिपुर में अभी भी नहीं थमी हिंसा

शुक्रवार को भी कई हिंसा की घटनाओं को अंजाम दिया गया। राजधानी इंफाल में उग्र भीड़ ने आरएएफ के जवानों के साथ झड़प की। केंद्रीय मंत्री आर के रंजन के घर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। इसके अलावा शाही महल के पास एक रिटायर्ड आईएएस अङ्गिकरि के गोदाम में आग लगा दी। लोगों के एक समूह ने वांगखेई, प्रॉम्पैट और थोंगपैट की सड़कों पर आगजनी की जिससे यातायात प्रभावित हो गया। बुधवार को खामेनलोक इलाके में 9 लोगों की हत्या कर दी गयी। जिसे लेकर आम लोग भी सड़कों पर उतरे। नाराज जनता की भीड़ को सड़कों से हटाने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस और अन्य उपायों का सहारा लेना पड़ा।

फ़िलहाल मणिपुर के 11 जिलों में कर्फ्यू लगा हुआ है। इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित चल रही हैं। मणिपुर की हिंसक घटनाओं के मद्देनजर विपक्षी दल भी केंद्र सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पिछले दिनों मणिपुर में शांति बहाली के प्रयासों के तहत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य का दौरा किया था। हालतों को सामान्य करने के लिए सरकार ने एक शांति समिति का गठन किया था।

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