बिहार के मुख्यमंत्री ने बुलाई कैबिनेट की बैठक, उससे पहले आवास पर बुलाई पार्टी नेताओं की बैठक, क्या चल रहा है नितीश के मन में
बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने आज शाम कैबिनेट की बैठक बुलाई है। अचानक बुलाई गयी बैठक ने सबके दिमाग में शंका पैदा कर दी है। कैबिनेट बैठक से पहले पार्टी नेताओं के साथ आवास पर करेंगे बैठक। इस तरह अचानक बुलाई गयी कैबिनेट की बैठक पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या चल रहा है नितीश कुमार के मन में ? क्या वह दुबारा से एनडीए में वापिसी की योजना बना रहे हैं ? नितीश कुमार ने आज ही एनडीए में जाने वाले सवाल को ख़ारिज कर दिया। इस सियासी हलचल को लेकर नितीश कुमार ने लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर विधानसभा और लोकसभा प्रभारियों को लेकर अपने आवास पर बैठक शुरू कर दी है। इस बैठक में पार्टी के तमाम बड़े नेता शामिल हुए हैं।
इस बैठक को लेकर कहा जा रहा है कि नितीश कुमार बैठक में संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में चर्चा होगी कि किन किन एजेंडों को लेकर लोकसभा चुनाव में उतरना है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में नितीश कुमार नेताओं से जनता का फीडबैक जानना चाहते हैं कि महागठबंधन को लेकर जनता की क्या राय है। महागठबंधन की योजनाएं जमीन पर कितनी सफल हो रही हैं इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसके साथ ही महागठबंधन की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने का आदेश दे सकते हैं। चुनाव के लिए तैयार रहने का निर्देश दे सकते हैं।
नितीश कुमार के एनडीए में जाने की अटकलें
बता दें कि नितीश कुमार के बार बार एनडीए में दुबारा जाने की अटकलें लग रही हैं। पिछले कुछ समय में कुछ ऐसे घटनाक्रम हुए हैं जिसके चलते इस तरह के सवाल उठ रहे हैं। राष्ट्रपति भवन में जी20 डिनर के समय नितीश कुमार ने बहुत ही गर्मजोशी के साथ पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की थी। इसके अलावा जीतन राम मांझी पहले ही कह चुके हैं कि नितीश कुमार फिर से एनडीए में आ सकते हैं। वन नेशन वन इलेक्शन के मुद्दे पर नितीश कुमार ने केंद्र सरकार का समर्थन किया था। महिला आरक्षण बिल का भी नितीश कुमार ने समर्थन किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आज सोमवार को नितीश कुमार शामिल हुए लेकिन देवीलाल की जयंती पर रैली में शामिल होने हरियाणा नहीं गए थे। इसके साथ ही इंडिया गठबंधन ने कुछ पत्रकारों का बॉयकॉट किया लेकिन नितीश कुमार ने इसका विरोध किया। वहीँ अमित शाह ने झंझारपुर रैली में एक बार भी यह नहीं कहा कि नितीश कुमार के लिए एनडीए के दरवाजे बंद हो गए हैं। उन्होंने तो अपनी रैली में नितीश और लालू की जोड़ी को तेल-पानी की तरह बताया जो कभी साथ नहीं रह सकते हैं। साथ ही कहा कि तेल पानी को गन्दा कर देता है। इस सब के बावजूद नितीश बार बार कह रहे हैं कि वह एनडीए नहीं जायेंगे।
