आईपीएल 2026 में बीसीसीआई सख्त, खिलाड़ियों की व्लॉगिंग और सोशल मीडिया गतिविधियों पर लगी रोक

भारतीय क्रिकेट में सोशल मीडिया और व्लॉगिंग का बढ़ता चलन अब खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बनता दिख रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल 2026 के दौरान खिलाड़ियों के व्यवहार और निजी गतिविधियों को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को फिलहाल व्लॉग बनाने और टीम से जुड़ी कोई भी सामग्री सोशल मीडिया पर साझा करने से रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि बोर्ड ने हाल के कुछ विवादों को गंभीरता से लेते हुए यह फैसला लिया है।

खिलाड़ियों के वीडियो बने विवाद की वजह

अर्शदीप सिंह पिछले कुछ समय से अपने यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार वीडियो और व्लॉग साझा कर रहे थे। उनके वीडियो फैंस के बीच काफी पसंद किए जाते थे क्योंकि उनमें टीम के खिलाड़ियों की मस्ती, यात्रा और ड्रेसिंग रूम के हल्के-फुल्के पल दिखाई देते थे। हालांकि, कुछ वीडियो ऐसे भी सामने आए जिनसे विवाद खड़ा हो गया।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो को लेकर काफी चर्चा हुई, जिसमें दावा किया गया कि स्पिनर युजवेंद्र चहल फ्लाइट के दौरान ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते दिखाई दिए थे। यह क्लिप तेजी से वायरल हुई और क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई। बाद में यह भी कहा गया कि विवाद बढ़ने के बाद उस हिस्से को वीडियो से हटा दिया गया। हालांकि इस मामले पर किसी आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन माना जा रहा है कि इस घटना ने बीसीसीआई को नाराज कर दिया।

इसके अलावा एक अन्य वीडियो में कुछ खिलाड़ी साथी क्रिकेटर शशांक सिंह के कैच छोड़ने की घटना का मजाक उड़ाते नजर आए थे। ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे थे, जिससे टीम की छवि पर असर पड़ने की चिंता बढ़ गई।

बीसीसीआई ने जारी की नई एड्वाइजरी

इन घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए नई एड्वाइजरी जारी की है। बोर्ड ने साफ कहा है कि आईपीएल 2026 सीजन खत्म होने तक खिलाड़ी टीम के अंदरूनी माहौल, यात्रा, होटल या ड्रेसिंग रूम से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं करेंगे। इसी निर्देश के तहत अर्शदीप सिंह को व्लॉगिंग बंद करने को कहा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड का मानना है कि लगातार कैमरे और सोशल मीडिया गतिविधियां टीम के माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा कई बार अनजाने में ऐसी बातें भी सामने आ जाती हैं जो विवाद पैदा कर देती हैं। बीसीसीआई अब खिलाड़ियों की डिजिटल गतिविधियों पर पहले से ज्यादा नजर रख रहा है।

इसी दौरान राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी रियान पराग भी चर्चा में आए थे। उन पर ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करने के आरोप लगे थे। वहीं टीम मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करते हुए देखा गया था, जिसके बाद सवाल उठने लगे थे। इन घटनाओं ने बोर्ड को सुरक्षा और अनुशासन के नियम और कड़े करने के लिए मजबूर किया।

टीम होटल और खिलाड़ियों के निजी मेहमानों पर भी निगरानी

बीसीसीआई ने सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की निजी गतिविधियों पर भी सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ खिलाड़ी बिना अनुमति अपने करीबी लोगों और गर्लफ्रेंड्स को टीम होटल में एंट्री दिला रहे थे। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में उन्हें टीम बस में सफर करते हुए भी देखा गया।

इन खबरों के सामने आने के बाद बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट ने मामले पर ध्यान दिया। बोर्ड को चिंता है कि बिना अनुमति बाहरी लोगों की मौजूदगी सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से खतरा बन सकती है। इसके बाद सभी टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि होटल, ड्रेसिंग रूम, यात्रा और टीम मूवमेंट से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।

साथ ही खिलाड़ियों के परिवारों और करीबी लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल मीडिया पर टीम की लोकेशन, होटल या यात्रा संबंधी जानकारी शेयर न करें।

बीसीसीआई का मानना है कि खिलाड़ियों को मैदान के साथ-साथ मैदान के बाहर भी अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। आने वाले समय में बोर्ड सोशल मीडिया और निजी गतिविधियों को लेकर और भी सख्त नियम लागू कर सकता है।

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