अयोध्या राम मंदिर में रामलला के बाद राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी शुरू
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब राम मंदिर में एक और महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारी हो रही है। मंदिर की पहली मंजिल पर राम दरबार की स्थापना के लिए प्राण प्रतिष्ठा समारोह मई 2025 में आयोजित किया जायेगा। इस समारोह में भगवान राम को राजा के रूप में स्थापित किया जायेगा, जो मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक होगा। यह समारोह पिछले वर्ष 22 जनवरी को आयोजित भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तुलना में छोटा होगा, लेकिन इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता अत्यधिक है। मंदिर परिसर का निर्माण कार्य इस महीने के अंत तक पूरा होने की संभावना है, जबकि परकोटा का शेष कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा किया जायेगा।
भगवान राम राजा के रूप में स्थापित होंगे
अयोध्या में राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। यह समारोह मई 2025 में आयोजित किया जायेगा, जिसमे भगवान राम को राजा के रूप में स्थापित किया जायेगा। राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का यह आगामी समारोह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। जो मंदिर निर्माण की पूर्णता और भगवान राम के राज्याभिषेक का प्रतिक होगा।
राम दरबार की स्थापना के लिए सफ़ेद मकराना संगमरमर से बनी 4.5 फ़ीट ऊँची मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमे भगवान राम, माता सीता, भगवान हनुमान और राम जी के भाइयों भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न की प्रतिमाएं शामिल हैं। भगवान राम और माता सीता को स्वर्ण जड़ित सिंहासन पर स्थापित किया जायेगा, जबकि भगवान हनुमान और भरत उनके चरणों में, और लक्ष्मण और शत्रुघ्न पीछे खड़े होंगे।
मंदिर के निर्माण की प्रगति के अनुसार जुलाई 2025 तक पूरा होने की संभावना है, जिसमे 85 भित्ति चित्र, टाइटेनियम जालियां और रामायण के विभिन्न भाषाओं में चित्रण जैसी विशेषताएं शामिल होंगी।
राम नवमी पर हुआ सूर्य तिलक का आयोजन
इससे पहले 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के अवसर पर मंदिर में सूर्य तिलक समारोह आयोजित किया गया था। जिसमे सूर्य की किरणें विशेष उपकरणों के माध्यम से भगवान राम की मूर्ति के माथे पर तिलक के रूप में प्रक्षिप्त की गई।
