बीजेपी की पहली लिस्ट से पहले गौतम गंभीर ने लिया बड़ा फैसला
पूर्व क्रिकेटर और पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के सांसद गौतम गंभीर ने बीजेपी की पहली लोकसभा चुनाव की लिस्ट आने से पहले एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने इसकी जानकारी खुद ही ट्वीट कर दी है। गौतम गंभीर ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से अपील करते हुए कहा है कि मुझे मेरे राजनितिक दायित्वों से मुक्त करें, ताकि मैं फिर से क्रिकेट पर फोकस कर पाऊं। गौतम गंभीर 2019 में पूर्वी दिल्ली से लोकसभा की सीट जीत कर संसद पहुंचे थे।
गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैंने माननीय पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुझे मेरे राजनीतिक कर्तव्यों से मुक्त करने की गुजारिश की है, ताकि मैं अपनी आगामी क्रिकेट प्रतिबद्धताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकूं। मुझे लोगों की सेवा का मौका देने के लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माननीय गृह मंत्री अमित शाह का ईमानदारी से धन्यवाद देता हूं। जय हिंद”
गौतम गंभीर के चुनाव न लड़ने के फैसले के बाद अब देखना होगा कि बीजेपी पूर्वी दिल्ली से किस उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारती है।
गौतम गंभीर का राजनितिक सफर
गौतम गंभीर ने क्रिकेट के पिच पर बहुत सी पारियां खेली। साल 2019 में गौतम गंभीर ने राजनीती में कदम रखा। गौतम गंभीर मार्च 2019 में बीजेपी में शामिल हुए। 2019 में जब लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हुयी तो गौतम गंभीर को पूर्वी दिल्ली से लोकसभा के लिए मैदान में उतारा गया। इसी के साथ वे पार्टी की उम्मीदों पर खरे उतरे। उन्होंने पूर्वी दिल्ली से लोकसभा की सीट पर जीत हासिल की। उस समय गौतम गंभीर ने अपने प्रतिद्वंद्वी आप पार्टी की आतिशी मार्लेना और कांग्रेस पार्टी के अरविंदर सिंह लवली को चुनाव में हराया था।
बीजेपी में आने के बाद से ही वह दिल्ली की साफ-सफाई के मुद्दे पर आप सरकार को घेरते रहे हैं। गौतम गंभीर को अक्सर ही पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल पर जाते हुए देखा गया और वह इसकी सफाई की मांग उठाते रहे हैं। उन्होंने कोविड महामारी के समय अपनी दो साल की सांसद की सैलरी भी डोनेट की थी। वह अक्सर ही सदन में होने वाली चर्चा के दौरान भी नजर आते हैं। हालांकि, कई बार वह अपनी क्रिकेट कमिटमेंट को लेकर भी विवादों में रहे हैं।
