लोकसभा चुनाव से पहले यूपी में अखिलेश का दावा इंडिया और पीडीए मिलकर एनडीए का किला ध्वस्त कर देंगी
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनैतिक पार्टियां अपनी अपनी तैयारी में लग गयी है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को हटाने के लिए सभी विपक्षी दलों ने मिलकर एक महागठबंधन किया है। उस गठबंधन का नाम इंडिया रखा है। इस महागठबंधन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हैं। अखिलेश यादव यूपी की राजनीती का एक बड़ा चेहरा हैं। यूपी से लोकसभा की 80 सीटें आती हैं। इस बार बीजेपी ने यूपी की सभी 80 सीटों को जितने का लक्ष्य रखा है।
अखिलेश यादव ने खेला नया दांव
लोकसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने दावा किया है कि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के किले को तो अकेले पीडीए ही ध्वस्त कर देगा। पीडीए का मतलब है दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग। पीडीए का नारा देकर अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ यह दांव खेला है। इंडिया में पीडीए के शामिल होने से विपक्षी खेमे को मजबूती मिली है। इसलिए अखिलेश यादव ने कहा था कि इंडिया और पीडीए के साथ आने से एनडीए की जरूरत नहीं। अखिलेश यादव ने पटना मीटिंग के दौरान पीडीए का नारा उछाला था।
अखिलेश यादव द्वारा दिए गए पीडीए के नारे से रणनीतिकार सहमत नहीं थे। रणनीतिकारों का कहना था कि पीडीए में ब्राह्मणों के बड़े वर्ग को छोड़ना सही नहीं है। सपा के एक वर्ग का मानना है कि चुनावों में जीत सिर्फ दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों से नहीं मिल सकती है। अखिलेश यादव के ताज़ा ट्वीट से साफ हो गया है कि पीडीए का त्याग किये बिना भी इंडिया के साथ चला जा सकता है। विपक्षी दलों द्वारा बनाया गया गठबंधन इंडिया समावेशी है। इंडिया 26 विपक्षी दलों का समूह है। लोकसभा चुनाव में एनडीए बनाम इंडिया की जोरदार टक्कर देखने को मिल सकती है।
