राजस्थान कांग्रेस में दो बड़े नेताओं में चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए दिल्ली में हो सकती है फिर से बैठक, सचिन पायलट को मिल सकता है बड़ा पद
राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के दो बड़े नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जो मतभेद चल रहे है। उन मतभेदों को सुलझाने के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने प्लान तैयार कर लिया है। इसी के तहत अशोक गहलोत और सचिन पायलट को फिर से दिल्ली बैठक के लिए बुलाया जा रहा है। जिस तरह से छत्तीसगढ़ में चल रहे विवाद को कांग्रेस के आलाकमानों ने सुलझाया है। उसी तरह राजस्थान के विवाद को भी चुनाव से पहले सुलझाना चाहते है।
सूत्रों से पता चला है कि कांग्रेस के आलाकमान सचिन पायलट को कोई सम्मानजनक पद देना चाहते हैं। लेकिन राजस्थान में छत्तीसगढ़ की तरह सचिन पायलट को चुनावी साल में डिप्टी सीएम के पद की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। लेकिन उन्हें राजस्थान में कांग्रेस की कम्पैन कमिटी का प्रमुख बनाया जा सकता है या फिर उन्हें राष्ट्रिय कमेटी में महासचिव की जिम्मेदारी दी जा सकती है। अब सचिन पायलट इन जिम्मेदारी को स्वीकार करते हैं या नहीं। यह अभी कहा नहीं जा सकता।
जब 2018 में कांग्रेस ने राजस्थान में चुनाव जीता था। उस समय सचिन पायलट प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्हें उम्मीद थी कि सीएम पद की जिम्मेदारी उन्हें मिलेगी, लेकिन सीएम की कुर्सी अशोक गहलोत को मिली। इसके बाद सचिन पायलट ने 2020 से बगावत शुरू कर दी। उसी वक्त से दोनों नेताओं के सम्बन्ध ख़राब होना शुरू हो गए। बात यहां तक बिगड़ गयी कि सचिन पायलट ने पिछली सरकार के कथित भ्रष्टाचार को लेकर अशोक गहलोत पर निशाना साधना शुरू कर दिया। जांच की मांग को लेकर अनशन से लेकर पदयात्रा तक निकाली। उसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाकर समझाया गया और यह दिखने की कोशिश की गयी कि अब सब कुछ ठीक है। लेकिन हकीकत इससे उलट थी। शायद यही वजह है कि फिर से एकबार दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाया जा रहा है। दुबारा से कांग्रेस हाईकमान दोनों नेताओं के साथ नए सिरे से बैठक करने जा रही है।
