कांवड़ यात्रा को लेकर सियासत गरमाई: डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने अखिलेश यादव पर बोला तीखा हमला
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए सियासी बयानबाजी तेज़ होती जा रही है। खासतौर पर धार्मिक मुद्दों पर नेताओं की बयानबाज़ी सुर्खियाँ बटोर रही है। इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कांवड़ यात्रा के बहाने निशाना साधा है। केशव मौर्य ने अखिलेश के हालिया बयान को “धर्मनिष्ठा का ढोंग” करार देते हुए सपा पर हिंदू विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव के बयान पर केशव मौर्य का पलटवार
अखिलेश यादव ने 7 जुलाई को एक जनसभा में कहा था कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है, तो प्रदेश में कांवड़ यात्रा के लिए विशेष मार्ग (कांवड़ पथ) का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) धार्मिक आयोजनों का केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है और असल में श्रद्धालुओं की सुविधा का कोई इंतजाम नहीं करती।
इस बयान के तुरंत बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अखिलेश पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने अखिलेश के कांवड़ पथ निर्माण के ऐलान को “नौटंकी” बताया और कहा कि जो पार्टी सत्ता में रहते हुए रामभक्तों और शिवभक्तों पर लाठियाँ चलवाती थी, वह अब धर्म की बात कर रही है, यह केवल चुनावी स्वार्थ है।
“कब्रिस्तान की बाउंड्री बनवाते थे, श्मशान की नहीं” – मौर्य
केशव मौर्य ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति की गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय कब्रिस्तानों की बाउंड्री बनवाई गई लेकिन हिंदुओं के अंत्येष्टि स्थल की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने आगे लिखा –
“रामभक्तों पर गोलियाँ, शिवभक्तों पर लाठियाँ, कांवड़ियों को भजन तक करने नहीं दिया, नवरात्र और दीपावली के दौरान बिजली बंद रखी गई, मेडिकल कॉलेज से डॉ. अंबेडकर जी का नाम हटाया गया।”
श्रीराम मंदिर निर्माण का भी विरोध: केशव मौर्य
उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर एक और बड़ा आरोप लगाया कि जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा सामने आया था, तब सपा ने उसका खुलकर विरोध किया। अब वही पार्टी मथुरा-वृंदावन को लेकर धार्मिक सहानुभूति दिखा रही है। मौर्य ने इसे “जनता को धोखा देने की चाल” बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव अब एक फर्जी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला लेकर लोगों को गुमराह करना चाहते हैं, लेकिन जनता अब सच्चाई जान चुकी है।
“2027 में सपा का सूपड़ा साफ होगा” – मौर्य का दावा
राजनीतिक हमलों की कड़ी में केशव मौर्य ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी का भविष्य अब खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव में सपा और उसके सहयोगी दलों को जनता पूरी तरह से नकार देगी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि –
“2047 तक सपा- इंडी गठबंधन के लिए सत्ता के दरवाजे बंद हो चुके हैं। अखिलेश यादव सत्ता के वियोग में बेचैन हो रहे हैं। अब जनता उनकी नौटंकी में नहीं आने वाली।”
धार्मिक मुद्दों पर सियासत गर्म
अखिलेश यादव का कांवड़ पथ निर्माण का ऐलान और उस पर केशव मौर्य का तीखा हमला यह दर्शाता है कि धार्मिक आस्थाएं अब भी उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा हिस्सा हैं। राजनीतिक दल अब हिंदू वोटबैंक को लुभाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं।
हालांकि, जनता इस बार कितना किसे भरोसा देती है, यह तो आने वाले चुनाव परिणाम ही बताएंगे। लेकिन फिलहाल यह साफ़ है कि धार्मिक प्रतीकों और आयोजनों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर आगे भी जारी रहने वाला है।
