इस्लामाबाद कोर्ट से इमरान खान को बड़ी राहत, दो हफ्ते की जमानत हुयी मंजूर

पाकिस्तान में इमरान खान को अल कादिर केस में जमानत मिल गयी है। इस्लामाबाद कोर्ट ने इमरान की दो हफ्ते की जमानत को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इमरान खान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट में पेश किया गया। जहाँ दो जजों की पीठ ने सुनबाई के बाद इमरान को जमानत दे दी। बता दें कि मंगलवार को इमरान खान को अल कादिर ट्रस्ट में धोखाधड़ी और हेरफेर के मामले में गिरफ्तार किया गया था। ताज्जुब की बात तो यह है कि इमरान खान को पाकिस्तानी रेंजर्स ने हाई कोर्ट में सुनबाई के दौरान ही गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद इमरान खान की पार्टी पीटीआई के समर्थक उग्र हो गए और उन्होंने पाकिस्तान के अलग अलग हिस्सों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। जिसके बाद पाकिस्तान की सरकार ने ख़राब माहौल को देखते हुए कई जिलों में धारा 144 लगा दी। इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गयी।

सूत्रों के अनुसार इमरान खान की जमानत याचिका पर सुनबाई कर रही पीठ में जस्टिस मियांगुल हसन औरंगजेब और जस्टिस समन रफत इम्तियाज़ शामिल हैं। पाकिस्तान के न्यूज़ चैनल द डॉन के अनुसार इमरान के वकीलों ने चार अतिरिक्त याचिका दायर की थी। जिसमे इमरान के खिलाप सभी केसों को इस्लामाबाद हाई कोर्ट मसे जोड़ने और अधिकारीयों को उनके खिलाप दर्ज केसों का विवरण प्रदान करने के निर्देश देने का आग्रह शामिल है।

जमानत के बाद फिर से गिरफ्तारी पर इमरान ने जताया डर

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने बयान दिया था कि यदि इमरान खान की जमानत मंजूर हो जाती है तो सरकार उन्हें कोर्ट के बाहर फिर से गिरफ्तार कर लेगी। इस बयान का डर इमरान खान को जमानत मिलने के बाद दिखा जिस पर उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया जायेगा उन्हें इसका डर है।

क्या है अल कादिर ट्रस्ट मामला

जिस अल कादिर मामले में इमरान खान की गिरफ्तारी हुयी। यह एक यूनिवर्सिटी का मामला है। इस मामले में इमरान के ऊपर आरोप लगे है कि उन्होंने बतौर पीएम उन्होंने इस यूनिवर्सिटी को करोड़ों रुपये की जमीन दे दी। यह आरोप उन पर पाकिस्तान के सबसे अमीर शख्स मलिक रियाज़ ने लगाए। रियाज़ ने बताया कि इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने गिरफ्तारी का डर दिखा कर यह जमीन अपने नाम करा ली थी। बुशरा बीबी और पीटीआई के कुछ और लोगों ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को शुरू किया था। जिसका उदेश्य पंजाब के सोहावा जिले में उच्च शिक्षा प्रदान कराने का था। किन्तु यूनिवर्सिटी बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुयी। एनएबी ने आरोप लगाया कि इमरान खान ने मलिक रियाज़ से सौदा किया था। जिससे राष्ट्रिय खजाने को 239 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

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