बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल: मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने अवामी लीग पर लगाया प्रतिबंध
बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शनिवार, 10 मई 2025 की शाम को अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी, अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव ने पूरे दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता बढ़ा दी है।
सरकार ने यह प्रतिबंध आतंकवाद विरोधी कानून के तहत लगाया है और साफ कहा है कि जब तक अवामी लीग और उसके नेताओं पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में चल रहे मामलों की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, यह प्रतिबंध लागू रहेगा। अंतरिम सरकार के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि यह कदम देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए उठाया गया है।
इस फैसले के पीछे जुलाई 2024 में हुए हिंसक आंदोलनों का भी हवाला दिया गया है। यूनुस सरकार का कहना है कि यह निर्णय उन आंदोलनों में शामिल कार्यकर्ताओं और नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था। इसके साथ ही, जिन लोगों ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में शिकायतें दर्ज करवाई हैं और जो गवाह हैं, उनकी सुरक्षा भी इस प्रतिबंध से सुनिश्चित की जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यूनुस सरकार ने आईसीटी कानून में भी संशोधन किया है, जिससे अब किसी भी राजनीतिक दल और उससे जुड़े संगठनों पर कानूनी कार्यवाही करना आसान हो गया है। यह बदलाव भविष्य में बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है।
अवामी लीग का कड़ा विरोध
इस प्रतिबंध के बाद अवामी लीग की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि यह फैसला मौजूदा अंतरिम सरकार की सत्ता में बने रहने की एक सोची-समझी साजिश है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विरोधी ताकतें लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश कर रही हैं और देश को एकपक्षीय शासन की ओर धकेला जा रहा है।
यूनुस सरकार का कड़ा रुख और जनता का दबाव
प्रतिबंध के कुछ घंटे पहले ही यूनुस के आवास के बाहर हजारों लोग इकट्ठा हुए थे और शेख हसीना की पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे थे। इस जनदबाव के बाद अंतरिम सरकार ने तुरंत एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और निर्णय लिया कि अवामी लीग पर कानूनी प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह कदम देश की आंतरिक स्थिति को स्थिर रखने और संभावित हिंसा को रोकने के लिए उठाया गया बताया जा रहा है।
वरिष्ठ नेता देश छोड़कर फरार
इस राजनीतिक भूचाल के बीच खबर सामने आई है कि अवामी लीग के एक पूर्व वरिष्ठ नेता, अब्दुल हामिद, देश छोड़कर चले गए हैं। सूत्रों के अनुसार, वह पिछले कुछ दिनों से सरकार की कार्रवाई से डरकर विदेश जाने की योजना बना रहे थे। उनकी देश से रवानगी के दौरान हवाई अड्डे पर सुरक्षा चूक के चलते तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के इस फैसले ने पूरे क्षेत्र की राजनीति को झकझोर दिया है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस प्रतिबंध का देश की राजनीतिक स्थिरता, आम जनता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर क्या असर पड़ता है।
