एमपी के महेश्वर में मोहन यादव सरकार की कैबिनेट बैठक बुलाई गयी , बैठक में हो सकता है महत्त्वपूर्ण फैसला

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार की कैबिनेट की बैठक महेश्वर में हुयी। इस बैठक में लिया जा सकता है महत्त्वपूर्ण फैसला। इस बैठक में मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों पर शराब बंदी का फैसला लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कुछ दिनों पहले कहा था कि हमारी सरकार विचार कर रही है कि हमारे धार्मिक नगरों पर हम अपनी नीति में संशोधन करें और धार्मिक नगरों से शराब बंदी की तरफ बढ़ें। धार्मिक शहरों में शराब बंदी को लेकर सामाजिक संगठनों के साथ-साथ साधु संतों से भी परामर्श लिया गया है।

धार्मिक स्थलों पर शराब बिक्री पर प्रतिबन्ध

गुरुवार 23 जनवरी को सीएम मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश के 17 धार्मिक स्थलों पर शराब बिक्री पर प्रतिबन्ध लगाएगी। हालाँकि उन्होंने अभी उन शहरों के नाम नहीं बताये हैं। सीएम ने कहा, “मध्य प्रदेश में जहां भी भगवान कृष्ण और भगवान राम ने अपने कदम रखे हैं, वहां शराब पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।’’

सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक समारोह के दौरान अपने सम्बोधन में कहा, “शराब के दुष्टप्रभावों से सभी वाकिफ हैं। हम नहीं चाहते हैं कि हमारे युवा बिगड़ें, वे भारत के भविष्य हैं। मध्य प्रदेश सरकार 17 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाएगी।”

प्रदेश के धार्मिक स्थल जहाँ हो सकती है शराब बंदी

प्रदेश में उज्जैन, मैहर, दतिया, पन्ना, मंडला, मुलताई, मंदसौर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, महेश्वर, ओंकारेश्वर, मंडलेश्वर, सलकनपुर, बांदकपुर, कुंडलपुर, बरमानकला, लिंगा और बरमानखुर्द जैसे धार्मिक शहर है।

धार्मिक स्थलों पर शराब बंदी के अलावा महेश्वर कैबिनेट नई ट्रांसफर नीति और महिला सशक्तिकरण नीति भी लाई जा सकती है। महेश्वर में कैबिनेट बैठक का आयोजन करने का मकसद प्रदेश में धार्मिक सांस्कृतिक और पर्यटन को बढ़ावा देना है। प्रदेश के खरगोन जिले का महेश्वर नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ है, जो कि होलकर साम्राज्य की राजधानी रहा है। मोहन यादव सरकार अहिल्याबाई होल्कर की 300 वी जयंती मना रही है।

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