अतीक की हत्या करने वाले तीनों युवकों कौन हैं, आइये जानते हैं इनकी कहानी
शनिवार रात को जब पुलिस अतीक और उसके भाई अशरफ को रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए अस्पताल ले कर जा रही थी उस समय तीन बदमाश बाइक पर आये और फ़िल्मी स्टाइल में अतीक और अशरफ पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर उनकी हत्या कर दी। और बाद में अपने आप को पुलिस के सामने सर्रेंडर कर दिया।
कौन है ये तीनो युवक
अतीक की हत्या में शामिल तीनो युवक लवलेश, सनी और अरुण हैं। शूटर लवलेश बाँदा का रहने वाला है। सनी हमीर पुर का और अरुण कासगंज का निवासी है।
लवलेश की कहानी
लवलेश बाँदा के क्योटरा मोहल्ले का रहने वाला है। लवलेश के पिता यज्ञ तिवारी एक स्कूल बस ड्राइवर हैं। लवलेश के पिता ने बताया कि हमसे उसका कोई लेना देना नहीं है। कहाँ रहता है, क्या करता है हमें कुछ भी पता नहीं है। कई सालों से मैंने उससे कोई बात नहीं की है। वह कभी कभी घर आता जाता था। पूछने पर कुछ भी नहीं बताता था। लवलेश के पिता ने बताया कि वह कोई काम धंधा नहीं करता था, दिनभर नशे में रहता था। कई साल पहले से उससे कोई मतलब नहीं रखते थे, उन्होंने कहा कि उसकी संगत मेरे और बच्चों पर न पड़े इसलिए उसे घर से निकल दिया था। वह बाँदा में ही कहीं किराये पर रहता था।
लवलेश के पिता ने बताया कि जब से अतीक मर्डर केस में लवलेस नाम आया है तब से आसपास के लोग भी हमें शक की नजर से देख रहे हैं। आज सुबह स्कूल से भी फ़ोन आ गया कि उन्हें स्कूल की बस चलाने की जरुरत नहीं है। उन्हीने कहा कि हमारा बेटा हमारे लिए मुसीबत बन गया है।
लवलेश के भाई ने बताया कि उनका लवलेश से कोई लेना देना नहीं है। एक हफ्ते पहले लवलेश बाँदा आया था। लवलेश के भाई ने बताया कि वह पहले किसी हिन्दू संघटन से जुड़ा हुआ था लेकिन कुछ साल पहले सदस्यता छोड़ दी। पुलिस ने बताया कि लवलेश पर तीन मुकदमे दर्ज हैं।
सनी सिंह की कहानी
सनी सिंह हमीरपुर के कुरारा इलाके का निवासी है। सनी के भाई ने बताया कि सनी 15 साल पहले ही घर छोड़ कर चला गया था। सनी का भाई एक चाय की दुकान चलाता है। सनी के माता पिता का देहांत कई साल पहले हो गया था। सनी के भाई ने बताया कि उसे यह भी मालुम नहीं है कि उसका भाई प्रयागराज के हत्या कांड में शामिल है। सनी के मोहल्ले वालों ने बताया कि सनी तीन भाई थे, एक भाई की मौत पहले ही हो चुकी है। सनी कोई भी काम धंधा नहीं करता था वह बस फालतू ही घूमता रहता था। मोहल्ले वालों ने बताया कि सनी पर कई मुकदमे दर्ज थे जिनकी जानकारी उन्हें नहीं है। पुलिस ने बताया कि सनी पर 18 मुकदमे दर्ज है वह फरार था।
अरुण की कहानी
अरुण कासगंज के बघेल पुख्ता का निवासी है। अरुण की चाची ने बताया कि अरुण 10 साल से घर से फरार है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। उससे हमारा कोई सम्बन्ध नहीं है। अरुण के मोहल्ले वालो ने बताया कि अरुण पर एक पुलिसकर्मी की हत्या का मुकदमा दर्ज है। अरुण के घर वालो ने इस बात से इंकार कर दिया की उन्हें कल रात को हुए हत्या कांड के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
