मुख्यमंत्री का 31 करोड़ का ड्रीम प्रोजेक्ट अटका
9 महीने बाद भी शिफ्ट नहीं हुआ हॉस्टल
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को ही शिक्षा विभाग ने गंभीरतासे नहीं लिया | बरखेड़ी स्थित रसीदिया स्कूल में जिस 2 एकड़ भूमि का 9 माह पहले भूमिपूजन हुआ, वहां पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ| अभी तक वहां स्थित संचालित हॉस्टल, पार्किंग शेड और लैब ही खाली नहीं हो सके| इन्हें तोड़ कर नए प्रोजेक्ट का काम शुरू होना था| लोक शिक्षण संस्थान, जिला शिक्षा अधिकारी और आदर्श कन्या संस्कृति विद्यालय के बीच 3 बार पत्राचार हुआ, लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला ना तो भवन ही खाली हुए ना ही इन्हें कहीं और ही शिफ्ट किया गया | जबकी उक्त प्रोजेक्ट के लिए पहले ही 31 करोड़ का वजट स्वीकार हो चूका है | मुख्यमंत्री राइज स्कूल प्रोजेक्ट का सी एम ने 9 माह पूर्व वर्चुअल भूमिपूजन किया था | परिसर में 2 एकड़ भूमि जहां नया निर्माण होना था, वहाँ 50 साल पुराने खंडर भवन में संस्कृत स्कूल और लैब का संचालन हो रहा है | पुराने भवन को तोड़ा जाना था, परंतु उक्त स्कूल की शिफ्टिंग के लिए ना तो कोई नई जगह देखी गई और ना ही कोई और दूसरी कोई और व्यवस्था की गई है | जिस कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो रहा है| इस संबंध में जानकारी देने के लिए संचारालय आयुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी के मोबाइल पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनके फोन अटेंड नहीं हुए |
लोक शिक्षण संचालनालय, कार्यालय जिला अधिकारी और संस्कृत विद्यालय के बीच जुलाई 22 से अक्टूबर 22 तक तीन पत्र लिखे गए जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया कि संस्कृत विद्यालय के प्रचार्य द्वारा अन्य भवन की व्यवस्था ना होने के कारण भवन को खाली नहीं किया जा सका है | अब 9 माह के बाद भी इस योजना पर काम शुरू होता नहीं दिख रहा है| इस प्रोजेक्ट का कार्य मध्य प्रदेश पुलिस आवास और अधोसंरचना विकास निगम द्वारा किया जाना है|
प्रोजेक्ट में शामिल सुबिधायें
किड्स प्ले एरिया, कोर्ट यार्ड, इंटरएक्टिव कॉर्ट, फ्री प्ले एरिया, लॉन, जॉगिंग ट्रैक, एथलेटिक ट्रैक होगा | इस सेंटर का डिज़ाइन इस तरह तैयार किया गया है कि बच्चे सीधे क्लासरूम से मैदान में जा सके | सुरक्षा की दृष्टि से परिसर चारो तरफ से कवर होगा और जगह जगह पर सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा गॉर्ड, लाइटिंग का पूरा इंतजार होगा | बच्चों में खेलकूद के प्रति दिलचस्पी और उन्हें स्वस्थ रखने के उद्देश्य से स्पोर्ट्स टीचर और ट्रेनर भी रखे जाएंगे जो बच्चों की प्रतिभा का आंकलन कर उन्हें ट्रेनिंग देंगे |
