भारतीय सेना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। 8 और 9 मई 2025 की रात भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पास स्थित आतंकवादी लॉन्चपैड्स पर निर्णायक कार्रवाई की और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया। यह जवाबी कार्रवाई उस वक्त की गई जब पाकिस्तानी सेना जम्मू-कश्मीर और पंजाब के विभिन्न शहरों में ड्रोन हमलों की साज़िश कर रही थी।
लॉन्चपैड्स बन चुके थे आतंकी हमलों के अड्डे
सूत्रों के अनुसार, ये लॉन्चपैड्स आतंकवादियों के लिए रणनीतिक अड्डे बन चुके थे, जहाँ से भारत के नागरिक इलाकों और सुरक्षाबलों पर हमलों की योजना बनाई जाती थी। इन अड्डों का इस्तेमाल आतंकियों को ट्रेनिंग देने, हथियार जमा करने और उन्हें भारत में घुसपैठ के लिए तैयार करने के लिए किया जाता था। भारतीय सेना की इस त्वरित कार्रवाई से आतंकियों की इन तैयारियों को बड़ा झटका लगा है।
भारतीय सेना के इस अभियान ने न केवल कई आतंकी ठिकानों को खत्म किया, बल्कि भविष्य में होने वाले संभावित आतंकी हमलों को भी रोका है। यह एक सख्त लेकिन जिम्मेदार प्रतिक्रिया थी, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सैन्य मर्यादाओं के तहत की गई।
पाकिस्तान के झूठे आरोप और भारत की सच्चाई
इस सैन्य कार्रवाई के बाद, हमेशा की तरह पाकिस्तान ने डिप्लोमैटिक स्तर पर भारत के खिलाफ बयानबाज़ी शुरू कर दी। पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारत पर “नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने” का आरोप लगाया, जो पूरी तरह से झूठ और भ्रामक है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना की कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ आतंकवादियों के ठिकानों तक सीमित थी, और इसमें किसी भी नागरिक संरचना या आम लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
भारत की नीति हमेशा स्पष्ट रही है – आतंकवाद के खिलाफ सख्ती और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा में पूर्ण संवेदनशीलता। अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए भारतीय सेना ने यह कार्रवाई की है, और यह पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ननकाना साहिब ड्रोन हमले का दावा पूरी तरह गलत
इस बीच, सोशल मीडिया पर एक फर्जी वीडियो वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि भारत ने पाकिस्तान में स्थित ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर ड्रोन हमला किया है। इस दावे को भारत सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है।
भारत सरकार की फैक्ट चेक इकाई पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे को पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो फर्जी है और इसका उद्देश्य भारत में सांप्रदायिक तनाव फैलाना है।” सरकार ने साफ कहा कि भारत ने किसी भी धार्मिक स्थल को निशाना नहीं बनाया, और ननकाना साहिब, जो सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी का जन्मस्थान है, भारत और सिख समुदाय के लिए अत्यंत श्रद्धेय स्थान है।
भारत ने यह भी कहा है कि ऐसे झूठे प्रचार और फर्जी वीडियो पाकिस्तान द्वारा सुनियोजित तरीके से फैलाए जा रहे हैं ताकि भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल किया जा सके और आंतरिक स्तर पर भ्रम फैलाया जा सके।
देश की सुरक्षा सर्वोपरि
इस पूरे घटनाक्रम से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि भारतीय सेना हर प्रकार की साजिश का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। चाहे वह सीमा पर हो या सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी अफवाहें हों — भारत हर मोर्चे पर सख्ती से मुकाबला कर रहा है।
देशवासियों को भी सतर्क रहना चाहिए और किसी भी भ्रामक खबर या वीडियो पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए। राष्ट्र की एकता और सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
