बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज़ हो गई है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए हैं। वे न केवल विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं बल्कि पार्टी संगठन को भी सक्रिय करने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में गुरुवार, 3 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है।
राज्यपाल से मुलाकात के कई मायने
गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से शिष्टाचार भेंट की। हालांकि यह एक औपचारिक मुलाकात कही जा रही है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इस बातचीत में कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि राज्य में विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी विचार-विमर्श हुआ।
नीतीश कुमार लंबे समय बाद राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे थे, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि सरकार कुछ प्रशासनिक फैसलों को अंतिम रूप देने की दिशा में बढ़ रही है, जिससे चुनाव पूर्व तैयारियों को गति दी जा सके।
चुनावी मोर्चे पर भी तेज़ हुई तैयारी
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो नीतीश कुमार इस समय पूरी तरह से विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगे हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर पार्टी के विभिन्न जिलों के नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में बिहार के अलग-अलग जिलों से आए नेता, कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में चुनावी रणनीति, संभावित उम्मीदवारों की सूची, गठबंधन की स्थिति, बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी तय थी। मुख्यमंत्री की कोशिश है कि सभी स्तरों पर पार्टी की पकड़ मजबूत की जाए और कार्यकर्ताओं को समय रहते सक्रिय कर दिया जाए।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ गहन चर्चा
बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए जिनमें प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, प्रदेश महासचिव, पार्टी प्रवक्ता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक में शामिल एक नेता ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें खासतौर पर बुलाया था और स्पष्ट कर दिया कि अब चुनाव को लेकर पूरी गंभीरता से तैयार रहने का समय आ गया है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी दिनों में पार्टी जिला स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करेगी, ताकि जमीनी कार्यकर्ताओं तक संदेश पहुंचे और उन्हें चुनावी रणनीति से अवगत कराया जा सके।
जनता के बीच लौटने की कोशिश
चुनावी तैयारी के साथ-साथ नीतीश कुमार जनता के बीच अपनी छवि को फिर से मजबूत करने की भी कोशिश में जुटे हैं। वे लगातार विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दे रहे हैं। इसके अलावा नीतीश कुमार राज्य भर में जनसभाएं करने की भी योजना बना रहे हैं ताकि जनता से सीधे जुड़ाव स्थापित किया जा सके।
नीतीश कुमार पूरी तैयारी में
बिहार की राजनीति में लंबे अनुभव के साथ नीतीश कुमार एक बार फिर चुनावी अखाड़े में उतरने को तैयार दिख रहे हैं। राज्यपाल से उनकी मुलाकात प्रशासनिक स्तर पर अहम मानी जा रही है, वहीं पार्टी नेताओं के साथ बैठक से साफ है कि नीतीश अब चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में बढ़ चुके हैं।
आने वाले हफ्ते बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद दिलचस्प होंगे, क्योंकि गठबंधन की संभावनाएं, उम्मीदवारों की घोषणा और जनता के बीच पैठ बनाने की होड़ तेज़ होती जाएगी। अब देखना यह होगा कि नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार की सत्ता में वापसी कर पाते हैं या नहीं।
