इंडिया गठबंधन की कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक पर बीजेपी के नेता सुशील मोदी का बड़ा बयान, कहा प्रधानमंत्री पद को लेकर झगड़ा शुरू
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक शुरू हो गयी है। इस बैठक से पहले बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने बड़ा बयान दिया है। सुशील मोदी ने कहा कि जो कोआर्डिनेशन कमेटी बनी है वो बहुत ही कमजोर है। इस कमेटी में नितीश कुमार, राहुल गाँधी और ममता बनर्जी जैसे नेताओं को होना चाहिए था। हर पार्टी के वरिष्ठ नेता निर्णय करते हैं बाकी लोगों को अधिकार नहीं है।
सुशिल मोदी ने कहा जब बाद में ललन सिंह नितीश कुमार से पूछेंगे। अभिषेक बनर्जी आ नहीं रहे हैं। सीपीआई (एम) ने नाम ही तय नहीं किया है। शरद पवार, हेमंत सोरेन और एमके स्टालिन केवल तीन लोग हैं। अगर शरद पवार हैं तो इसमें नीतीश कुमार क्यों नहीं हैं? इनको लगता है कि कोऑर्डिनेशन कमेटी केवल दिखावे के लिए है। सीट शेयरिंग पर ये क्या निर्णय कर सकते हैं? सीट शेयरिंग तो राज्यों के अंदर होता है। इस तरह की बैठकों में सीट शेयरिंग कर ही नहीं सकते हैं।
प्रधानमंत्री पद को लेकर झगड़ा शुरू
कोऑर्डिनेशन कमेटी को लेकर सुशील मोदी ने कहा कि इसमें बहुत होगा तो रैली के बारे में चर्चा की जा सकती है कि कहां-कहां पर रैली कर सकते हैं। अब तो झगड़ा शुरू हो गया प्रधानमंत्री पद को लेकर। ललन सिंह ने नीतीश कुमार का बायोडाटा जारी किया कि इतने साल तक मुख्यमंत्री रहे, ईमानदार हैं, इनको महागठबंधन में प्रधानमंत्री का उम्मीदवार होना चाहिए। उधर टीएमसी के लोग ममता बनर्जी का नाम आगे कर रहे हैं। पहले तो यह तय करें कि उनके प्रधानमंत्री पद का दावेदार कौन होगा?
सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार कुछ भी कह लें लेकिन मन में तो है कि एक दिन के लिए भी प्रधानमंत्री बन जाएं। नीतीश कुमार ने जो दो दिनों तक बैठक की तो बाहर उनके लोग नारा लगा रहे थे, ललन सिंह ने भी पीएम पद को लेकर खुलकर कह दिया है। कोई नेता किसी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। हर आदमी के मन में लड्डू फूट रहा है कि हम प्रधानमंत्री बन जाएं। कहा कि अभिषेक बनर्जी नहीं आ रहे हैं तो ममता बनर्जी क्यों नहीं आ रही हैं? किसी और को क्यों नहीं भेजा? इस तरह की कोऑर्डिनेशन कमेटी में केमिस्ट्री मिलनी चाहिए। जो कमेटी में हैं उनको तो निर्णय लेने का पावर ही नहीं है।
