मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्षी गठबंधन ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव, बीजेपी ने कहा सरकार तैयार है चर्चा के लिए
मणिपुर हिंसा को लेकर बुधवार को कांग्रेस ने सरकार क्र खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। लोकसभा स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए मंजूरी भी दे दी। लेकिन कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए गुरुवार का समय माँगा। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बीजेपी के नेताओं ने कहा कि जनता को पीएम मोदी और बीजेपी पर पूरा विश्वास है।
कांग्रेस ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव विपक्षी गठबंधन इंडिया की ओर से पेश किया गया है। कांग्रेस ने यह प्रस्ताव विपक्षी गठबंधन इंडिया की ओर से इस रणनीति के साथ पेश किया है कि वह पीएम मोदी को मणिपुर हिंसा पर सदन में बोलने के लिए बाध्य कर सके। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला सभी दलों के नेताओं के साथ बातचीत करने के बाद इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तारीख तय करेंगे।
सरकार ने कहा–चर्चा के लिए तैयार हैं
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अविश्वास प्रस्ताव पर कहा कि जनता को पीएम मोदी और बीजेपी पर पूरा विश्वास है। विपक्ष 2019 में भी पीएम मोदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। उसके बाद जनता ने विपक्ष को सबक सिखाया था। इस बार भी जनता इन्हे सबक सिखाएगी। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव को आने दीजिये, सरकार इसके लिए तैयार है। बीजेपी सांसद सुनील मोदी ने कहा कि विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाने का पूरा अधिकार है लेकिन सभी को पता है कि हमारी सरकार प्रचंड बहुमत वाली है। जब अविश्वास प्रस्ताव आएगा तब सिर्फ मणिपुर पर ही चर्चा नहीं होगी बिहार, बंगाल और राजस्थान पर भी चर्चा होगी। सरकार सभी विषय पर जवाब देने के लिए तैयार है।
कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव पर कहा
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने अविश्वास प्रस्ताव पर कहा कि नियमानुसार जब अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा के लिए मंजूर कर लिया जाता है तो मंजूरी के दस दिनों के भीतर चर्चा होती है। लेकिन लोकसभा की परम्परा रही है कि जब भी यह प्रस्ताव आता है तो बाकि के सारे काम छोड़कर इस पर चर्चा होती है। हमारा लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह है कि उनको इसे प्राथमिकता के आधार पर लेकर कल ही चर्चा करनी चाहिए और जल्द से जल्द मतदान भी होना चाहिए।
