बाढ़ आने के बाद आँखे क्यों हो रही हैं पिंक, बारिश के मौसम में आँखों का रखें खास ख्याल
अभी बारिश का मौसम चल रहा है। इसके अलावा जगह जगह बाढ़ भी आ चुकी है जिसकी वजह से उसके साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल रहे हैं। बारिश के मौसम की वजह से मच्छर से होने वाली बीमारियां और शरीर के दूसरे अंग की बीमारियां बढ़ रही हैं। बाढ़ की वजह से कई प्रकार के इन्फेक्शन बढ़ने लगे हैं। लोगो में आँखों की समस्या बढ़ने लगी है। कंजंक्टिवाइटिस की समस्या से लोग अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
बाढ़ के बाद क्यों बढ़ रही हैं सेहत सम्बन्धी समस्याएं
डॉक्टर्स के अनुसार बाढ़ और दूषित जल से कई प्रकार के बैक्टीरीया बढ़ जाते हैं। जिसमे से कुछ बैक्टीरीया आँखों के संक्रमण का कारण भी बन सकते हैं। बाढ़ और दूषित जल से पैदा होने वाले बैक्टीरीया से केवल पेट में ही इन्फेक्शन नहीं बढ़ता। मच्छरों से होने वाली परेशानिया भी बढ़ जाती हैं। कंजंक्टिवाइटिस ज्यादा खतरनाक भी हो सकता है। इसलिए आँखों की देखभाल बहुत जरूरी है।
क्या होता है कंजंक्टिवाइटिस
कंजंक्टिवाइटिस एक आँखों का इन्फेक्शन है। जिसमे आंखे पिंक हो जाती है। इसे पिंक आइज की समस्या भी कहा जाता है। इसमें कंजक्टिवा नाम की झिल्ली में इन्फेक्शन और सूजन आ जाती है। यह इन्फेक्शन एडेनोवाइरस की वजह से होता है। बाढ़ के समय यह समस्या बढ़ सकती है। वैसे तो यह समस्या साधारण इलाज से ठीक हो जाती है। इसके गंभीर होने का खतरा कम ही होता है। लेकिन आँखे सबसे ज्यादा सेंसेटिव अंग है। इसलिए विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस में आंखों से पानी आना, खुजली होना और सूजन जैसे समस्याएं हो सकती हैं।
कंजंक्टिवाइटिस की पहचान
कंजंक्टिवाइटिस में एक या दोनों आंखें लाल हो सकती हैं, उनमें खुजली हो सकती है, किरकिरापन महसूस हो सकता है, आंखों में पानी आने की समस्या या प्रकाश से समस्या हो सकती है। ऐसी दिक्कतें हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
कंजंक्टिवाइटिस से बचने के लिए क्या करें
आंखों की देखभाल करते रहें।
आंखों की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
आंखों को बार-बार छूने से न बचें।
हाथों को बार-बार धोते रहें।
साफ तौलिए का ही इस्तेमाल करें, उसे किसी के साथ शेयर न करें।
