अहमदाबाद विमान हादसा: यात्रियों की अधूरी कहानियां, जिनका अंत हुआ आकाश में

गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर फ्लाइट टेकऑफ के कुछ ही सेकंड्स बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से कोई अपने जीवन की नई शुरुआत करने जा रहा था तो कोई अपनों से मिलने के लिए बेताब था। पर अफसोस, उन सबकी कहानियों का अंत एक ही पल में हो गया।

इस विमान हादसे में जान गंवाने वाले कुछ यात्रियों की कहानियां सामने आई हैं जो बेहद भावुक कर देने वाली हैं।

पूर्व सीएम के पीछे बैठे छात्र की आखिरी वीडियो कॉल

लॉरेंस डेनियल क्रिस्टियन, जो लंदन में पढ़ाई कर रहे थे, उसी फ्लाइट में सवार थे। टेकऑफ से पहले उन्होंने अपनी मां को वीडियो कॉल करके बताया कि वो पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के पीछे वाली सीट पर बैठे हैं। उनकी यह बात अब सिर्फ एक याद बनकर रह गई।

आगरा का नवविवाहित जोड़ा

नीरज और अपर्णा लवानिया, आगरा के अकोला गांव के निवासी थे। वे लंदन घूमने जा रहे थे। नीरज वडोदरा में नौकरी करते थे और दोनों अपने पहले अंतरराष्ट्रीय ट्रिप के लिए बेहद उत्साहित थे। यह सफर अब कभी पूरा नहीं होगा।

मां से मिलने आई बेटी और अधूरी मुलाकात

अंजू शर्मा, हरियाणा के कुरुक्षेत्र की रहने वाली थीं। उनके पति का पहले ही निधन हो चुका था। वे अपनी बेटी निम्मी से मिलने लंदन जा रही थीं। जाने से पहले उन्होंने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था, “आदमी खिलौना है” — यह उनकी आखिरी पोस्ट थी।

एनसीपी सांसद की रिश्तेदार क्रू मेंबर

अपर्णा महाडिक, जो फ्लाइट की क्रू मेंबर थीं, एनसीपी सांसद सुनील तटकरे की रिश्तेदार थीं। वह उनके भांजे की पत्नी थीं। इस हादसे ने एक और परिवार को शोक में डुबो दिया।

सपने पूरे कर बनी एयर होस्टेस

रोशनी सोंघरे, एयर इंडिया में हाल ही में शामिल हुई थीं। वह हमेशा से एयर होस्टेस बनने का सपना देखती थीं। इंस्टाग्राम पर ट्रैवल इन्फ्लुएंसर रहीं रोशनी ने अपने करियर की शुरुआत बहुत मेहनत से की थी। पर यह सपना भी अधूरा रह गया।

अहमदाबाद का खुशहाल दंपती

भोगीलाल परमार और उनकी पत्नी, अहमदाबाद के लांभा गांव से थे। वे लंदन की यात्रा को लेकर बहुत खुश थे। किसी को यह अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी ज़िंदगी की आखिरी यात्रा होगी।

बेटियों से मिलने भारत आईं नर्स

रंजीता गोपाकुमार, केरल की निवासी और लंदन में नर्स के रूप में कार्यरत थीं। चार दिन पहले ही भारत आई थीं अपनी बेटियों से मिलने। सरकारी नौकरी की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह वापस लंदन लौट रही थीं, लेकिन हादसे ने सब कुछ छीन लिया।

ब्रिटिश नागरिकों की आखिरी यात्रा

जेमी मीक और फियनगल ग्रीनलॉ-मीक, दो ब्रिटिश नागरिक थे, जो भारत यात्रा के बाद वापस लंदन जा रहे थे। उन्होंने विमान में बैठने से पहले एक वीडियो बनाया था जिसमें वे भारत के अनुभव साझा कर रहे थे। फ्लाइट की सीट 22A और 22C अब खाली हैं।

बेटे ने दी मातापिता की पहचान

डॉ. हितेश शाह और अमिता शाह, लंदन में अपनी बहन का 70वां जन्मदिन मनाने जा रहे थे। हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। बेटे को अमेरिका से भारत आना पड़ा ताकि डीएनए सैंपल से उनकी पहचान हो सके।

पति को सरप्राइज देने जा रही थीं हरप्रीत

हरप्रीत कौर होरा, इंदौर की निवासी थीं और अपने पति रॉबी को जन्मदिन पर सरप्राइज देने के लिए लंदन जा रही थीं। यह फ्लाइट उनका प्रेम भरा तोहफा थी, लेकिन नियति ने उसे हमेशा के लिए छीन लिया।

राजस्थान का परिवार उजड़ गया

उदयपुर और बांसवाड़ा के दो अलग-अलग परिवार इस हादसे में समाप्त हो गए। बांसवाड़ा से प्रतीक जोशी, उनकी पत्नी कोमी व्यास और उनके तीन बच्चे भी शामिल थे। एक बेटी और दो जुड़वां बेटे — सभी का जीवन एक साथ खत्म हो गया।

क्रू मेंबर दीपक पाठक

दीपक पाठक, महाराष्ट्र के बदलापुर से थे और एयर इंडिया के क्रू मेंबर थे। उनकी शादी दो साल पहले हुई थी और उन्हें यात्रा करना बहुत पसंद था। हादसे से पहले उन्होंने अपनी आखिरी यात्रा का स्टेटस भी डाला था, जो अब एक आखिरी निशानी बन गया है।

नागपुर के कामगार की बेटी भी हादसे में

नागपुर के एक मजदूर की बेटी और उनके परिवार के दो अन्य सदस्य भी इस हादसे का शिकार हो गए। सपनों से भरी यात्रा अब सिर्फ यादों में रह गई है।

अहमदाबाद विमान हादसे ने एक झटके में कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हर एक यात्री अपने जीवन की एक नई कहानी शुरू करने निकला था, लेकिन उनकी कहानियां वहीं समाप्त हो गईं। यह हादसा सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि मानवीय त्रासदी है, जिसकी टीस हमेशा महसूस की जाती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *