उपराज्यपाल ने ईडी को दी आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल पर मुक़दमा चलाने की मंजूरी
दिल्ली में फरवरी 2025 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका लगा है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ईडी को आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के ऊपर मुक़दमा चलने की मंजूरी दे दी है।
ईडी ने अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 100 करोड़ की रिश्वत लेकर संस्थाओं को अनुचित लाभ पहुंचाया था। वहीँ आप ने इन सभी आरोपों को गलत बताया था। आम आदमी पार्टी ने कहा था कि दो साल की जाँच में एक भी पैसा बरामद नहीं हुआ है। इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी ने ईडी से उपराज्यपाल की ओर से मिली सेंक्शन कॉपी दिखाने की भी मांग की।
उपराज्यपाल दे ईडी को दी मंजूरी
उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने आबकारी नीति मामले में आप प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए ईडी को मंजूरी दे दी है। 5 दिसंबर को ईडी ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी।”
ईडी ने इस महीने की शुरुआत में आप प्रमुख पर मुकदमा चलाने के लिए उपराज्यपाल से अनुमति मांगी थी। ईडी ने दावा किया था कि उसे कथित तौर पर आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में भारी भ्रष्टाचार का पता चला है। इसका उल्लेख इस साल 17 मई को राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर अभियोजन शिकायत संख्या 7 में किया गया था। अदालत ने 9 जुलाई को शिकायत का संज्ञान लिया था।
आप ने सभी आरोपों को बताया झूठा और भ्रामक
अरविंद केजरीवाल पर लगे आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी ने कहा, “तथाकथित शराब घोटाले की जांच दो साल तक चली, 500 लोगों को परेशान किया गया, 50,000 पन्नों के दस्तावेज दाखिल किए गए और 250 से अधिक छापे मारे गए और एक पैसा भी बरामद नहीं हुआ। विभिन्न अदालती आदेशों द्वारा मामले में कई खामियां उजागर हुईं हैं। भाजपा का असली लक्ष्य किसी भी तरह से आप और अरविंद केजरीवाल को कुचलना है।”
