भारत में मंकीपॉक्स का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय एक्शन में, जारी की एडवाइजरी
भारत में मंकीपॉक्स का एक मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरीज के सामने आने के बाद सभी राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। इस एडवाइजरी में संदिग्धों की जाँच करने और उनके संपर्क में आये लोगों का पता लगाने को कहा गया है।
दरअसल देश में रविवार 8 सितम्बर को मंकीपॉक्स का एक संदिग्ध मरीज मिला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लेकर जानकारी दी कि विदेश से भारत लौटे एक व्यक्ति में ऍमपॉक्स के लक्षण दिखे हैं। फ़िलहाल उस व्यक्ति को अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है। उस व्यक्ति के सैंपल जाँच के लिए भेजा गया है। प्रोटोकॉल के तहत उस व्यक्ति के सम्पर्क में आये सभी व्यक्तियों को ट्रेस किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने अपनी एडवाइजरी में उन लैब की सूची भी जारी की है, जहां इसके संदिग्ध मरीजों का टेस्ट कराया जा सकता है। क्लीनिक मैनेजमेंट प्रोटोकॉल और संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए अन्य बातें भी इसमें हैं। ये हैं कुछ प्रमुख पॉइंट-
* राज्य और जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के वरिष्ठ अधिकारी सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
* संदिग्ध और कन्फर्म दोनों मामलों की देखभाल के लिए अस्पतालों में आइसोलेशन सुविधाओं की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा इस स्पेशल अरेंजमेंट में मानव कर्मचारियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो।
* स्वास्थ्य मंत्रालय ने इफेक्टिव कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए इंटीग्रेटेड (एकीकृत) डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के तहत डिजिज सर्विलांस यूनिट को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
* राज्यों को स्वास्थ्य कर्मियों, विशेष रूप से त्वचा और एसटीडी (यौन संचारित रोग) क्लीनिकों में काम करने वालों पर विशेष ध्यान देने को कहा है, ताकि उन्हें एमपॉक्स के सामान्य संकेतों और लक्षणों के बारे में पता चल सके और उसके निदान के बाद क्या कार्रवाई की जानी चाहिए, इसकी जानकारी मिल सके।
* अस्पताल-आधारित निगरानी से लेकर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) की ओर से पहचाने गए इन्टरवेंशन साइट्स पर सभी संदिग्ध मामलों की स्क्रीनिंग और टेस्टिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
* एडवाइजरी में ये भी कहा गया है कि सभी राज्य लोगों को बीमारी, इसके फैलने के तरीके, कब इसे लेकर डॉक्टर से संपर्क करें और इससे बचने के तरीकों के बारे में जागरूक करें। लोगों के बीच किसी भी तरह के पैनिक को रोकने की व्यवस्था की जाए।
मंकीपॉक्स क्या है
मंकीपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जो आमतौर पर संक्रमित व्यक्ति या जानवर के सीधे संपर्क में आने से फैलती है। इस बीमारी को एमपॉक्स नाम से भी जाना जाता है। यह वायरस आमतौर पर जानवरों और मनुष्यों को प्रभावित कर सकता है। मंकीपॉक्स के लक्षण 3 से 17 दिन के बाद शुरू हो सकते हैं, जब मंकीपॉक्स के लक्षण दिखाई देते हैं तो इसे इनक्यूबेशन पीरियड कहा जाता है।
